कालाष्टमी व्रत जून 2026 कब है? जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त, महत्व और व्रत नियम

Kalashtami Vrat June 2026: जून में कालाष्टमी व्रत कब रखा जाएगा? जानें कालाष्टमी की सही तिथि, शुभ पूजा मुहूर्त, भैरव बाबा की पूजा विधि, व्रत नियम, धार्मिक महत्व और इस दिन किए जाने वाले खास उपाय।

Published On 2026-06-01 17:14 GMT   |   Update On 2026-06-01 17:14 GMT

कालाष्टमी व्रत जून 2026: कब है कालाष्टमी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा समय और महत्व

Kalashtami Vrat June 2026: हिंदू धर्म में कालाष्टमी का व्रत भगवान काल भैरव को समर्पित माना जाता है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा करने से भय, नकारात्मकता और बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है।

जून 2026 में आने वाली कालाष्टमी का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि इस दिन श्रद्धालु भगवान भैरव की पूजा, व्रत और मंत्र जाप करते हैं।

जून 2026 में कालाष्टमी कब है?

कालाष्टमी व्रत: 8 जून 2026, सोमवार

अष्टमी तिथि प्रारंभ: 7 जून 2026

अष्टमी तिथि समाप्त: 8 जून 2026

उदया तिथि के अनुसार 8 जून 2026 को कालाष्टमी व्रत रखा जाएगा।

कालाष्टमी पूजा का शुभ समय

पूजा का श्रेष्ठ समय

प्रातःकाल स्नान के बाद पूजा करना शुभ माना जाता है।

काल भैरव की विशेष पूजा रात्रि में भी की जाती है।

निशीथ काल पूजा

रात्रि के समय भैरव पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।

इस दौरान मंत्र जाप और आरती करना शुभ माना जाता है।

काल भैरव मंत्र

ॐ कालकालाय विद्महे, तन्नो काल भैरवः प्रचोदयात्॥ ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं॥ ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं क्षेम् क्षेत्रपालाय कालभैरवाय नमः॥

अधिक मास कालाष्टमी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काल भैरव भगवान शिव के ऐसे स्वरूप हैं जो धर्म की रक्षा करते हैं और भक्तों को संकटों से बचाते हैं। अधिक मास की कालाष्टमी पर काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति को शत्रु बाधा, ग्रह दोष, अकाल भय और नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। इस दिन व्रत रखने और रात्रि में भैरव मंत्रों का जाप करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। काल भैरव को काल के रक्षक माना गया है। ऐसी मान्यता है कि उनकी पूजा से भक्तों को अकाल मृत्यु से रक्षा मिलती है और जीवन में सुरक्षा व स्थिरता बनी रहती है

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