Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी 2026: सही तिथि, शुभ मुहूर्त, स्नान समय, पूजा विधि और महत्व

गंगा सप्तमी 2026 हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है, जिसे मां गंगा के पुनः प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस साल गंगा सप्तमी 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, पूजा और दान करने से पापों का नाश होता है और पितरों को शांति मिलती है। जानें गंगा सप्तमी की सही तिथि, स्नान का शुभ समय, पूजा विधि और इसका धार्मिक महत्व। इस दिन सुबह स्नान और मां गंगा की आराधना विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।

Published On 2026-04-21 16:33 GMT   |   Update On 2026-04-21 16:33 GMT

गंगा सप्तमी 2026: सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व जानें

Ganga Saptami 2026 Date & Puja Vidhi: हिंदू धर्म में गंगा सप्तमी का पर्व बेहद पवित्र माना जाता है। यह दिन मां गंगा के पुनः प्राकट्य (जयंती) का प्रतीक है, इसलिए इसे गंगा जयंती भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा करने से पापों का नाश होता है और पितरों को शांति मिलती है।

गंगा सप्तमी 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार

मुख्य तिथि: 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार)

सप्तमी तिथि प्रारंभ: 22 अप्रैल रात 10:49 बजे

तिथि समाप्त: 23 अप्रैल रात 8:49 बजे

उदया तिथि के अनुसार 23 अप्रैल को ही गंगा सप्तमी मनाना शुभ माना जाएगा।

शुभ मुहूर्त और स्नान समय

स्नान का शुभ समय: सुबह 5:48 AM – 7:26 AM

मध्यान्ह मुहूर्त: 11:01 AM – 1:38 PM

इस दिन सुबह स्नान और पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।

गंगा सप्तमी का धार्मिक महत्व

गंगा सप्तमी का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं इस दिन भक्तजन माँ गंगा की विधि-विधान से पूजा करते हैं, दीपदान करते हैं और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करते हैं।

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