चैत्र पूर्णिमा 2026: स्नान-दान का महत्व, सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानें

चैत्र पूर्णिमा 2026 हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ दिन माना जाता है। यह दिन न केवल चैत्र मास के समापन का प्रतीक है, बल्कि इसी दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान, दान और पूजा करने से कई गुना पुण्य प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

Published On 2026-03-30 17:18 GMT   |   Update On 2026-03-30 17:18 GMT

चैत्र पूर्णिमा 2026: स्नान-दान का महत्व, शुभ मुहूर्त और सही तिथि जानें

Chaitra Purnima 2026 Importance, Snan-Daan Muhurat: हिंदू धर्म में चैत्र पूर्णिमा का दिन बेहद पवित्र और फलदायी माना जाता है। यह दिन न केवल चैत्र मास के समापन का प्रतीक है, बल्कि इसी दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान और पूजा करने से कई गुना पुण्य प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।वहीं इसी दिन संकटमोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। साथ ही इस दिन दान और स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। वहीं इस साल चैत्र पूर्णिमा को लेकर संशय बना हुआ है। क्योंकि पूर्णिमा तिथि दोनों दिन पड़ रही है। ऐसे में आइए जानते हैं चैत्र पूर्णिमा की तिथि और दान- स्नान का शुभ मुहूर्त…

1 या 2 अप्रैल कब चैत्र पूर्णिमा? (Chaitra Purnima Kab hai)

फ्यूचर पंचांग के मुताबिक चैत्र पूर्णिमा की शुरुआत 01 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 02 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर होगा। पंचांग के आधार पर 02 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा मनाई जाएगी। साथ ही इस दिन चंद्रोदय शाम 07 बजकर 02 मिनट पर होगा।

स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त स्नान: सुबह 04:38 से 05:24 बजे तक

पूजा का समय: सुबह 06:11 से 09:18 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:50 बजे तक

इस दिन सूर्योदय के समय स्नान और दान करना सबसे शुभ माना जाता है।

चैत्र पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

चैत्र पूर्णिमा का दिन अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, धन और शांति की प्राप्ति होती है, वहीं हनुमान जी की आराधना करने से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। साथ ही व्रत, दान और भक्ति करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

दान का महत्व (Daan Importance)

इस दिन दान करना विशेष पुण्यदायी होता है

भोजन, वस्त्र, जल और अनाज का दान करना श्रेष्ठ माना जाता है

जरूरतमंदों की सेवा करने से आत्मशुद्धि होती है

शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है।

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