Janmashtami Puja Samagri 2026: जन्माष्टमी पर पूजा के लिए नोट कर लें पूरी सामग्री की लिस्ट, श्रृंगार से भोग तक यहां देखें
Janmashtami Puja Samagri 2026: जन्माष्टमी पूजा में किन-किन चीजों की जरूरत होगी? यहां देखें Laddu Gopal ke Shringar, Abhishek, Puja aur Bhog ki पूरी सामग्री की लिस्ट।
Janmashtami Puja Samagri 2026: जन्माष्टमी पर घर में नहीं रहनी चाहिए ये पूजा सामग्री, लड्डू गोपाल के श्रृंगार से लेकर भोग तक पूरी लिस्ट
Janmashtami Puja Samagri 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार भगवान कृष्ण के भक्तों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन घरों और मंदिरों में बाल गोपाल का विशेष श्रृंगार किया जाता है। आधी रात के समय भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है और उन्हें पंचामृत से स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं।
जन्माष्टमी की पूजा में केवल भगवान कृष्ण की प्रतिमा स्थापित करना ही काफी नहीं माना जाता, बल्कि पूजा के दौरान इस्तेमाल होने वाली सामग्री का भी विशेष महत्व है। लड्डू गोपाल के स्नान, श्रृंगार, पूजा और भोग के लिए अलग-अलग चीजों की जरूरत पड़ती है।
अगर आप इस साल घर में जन्माष्टमी मनाने की तैयारी कर रहे हैं तो पूजा से पहले सारी सामग्री इकट्ठी कर लें। आइए जानते हैं Janmashtami 2026 Puja Samagri List, जिसमें लड्डू गोपाल के अभिषेक से लेकर भोग और श्रृंगार तक की जरूरी चीजें शामिल हैं।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पूजन सामग्री (Janmashtami 2026 Puja Samagri List)
श्रीकृष्ण की मूर्ति
एक लोटे में जल
आधा मीटर सफेद कपड़ा
आधा मीटर लाल कपड़ा
अपनी सामर्थ्य के अनुसार पंच रत्न
फूल
माला
केसर
चंदन
कुमकुम
5 यज्ञोपवीत
अबीर
गुलाल
अभ्रक
हल्दी
चावल (अक्षत)
आम के पत्ते
श्री कृष्ण के लिए वस्त्र
आभूषण
धनिया की पंजीरी
माखन-मिश्री
तुलसी दल
मुकुट
मोर के पंख
बांसुरी
सिंहासन
झुला
सुपारी
पान के पत्ते
लकड़ी की चौकी
कमलगट्टा
तुलसी माला
खड़ी धनिया
गंगाजल
शहद
शकर
घी
डंडी के साथ खीरा
दही
दूध
मक्खन
मौसमी फल
दीपक
धूप, अगरबत्ती
कपूर
सप्तमृत्तिका
नैवेद्य या मिष्ठान्न
छोटी इलायची
लौंग
इत्र
पंच पल्लव (बड़, गूलर, पीपल, आम और पाकर के पत्ते)
पंचामृत
तुलसी दल
बन्दनवार
ताम्बूल (लौंग लगा पान का बीड़ा)
श्रीफल (नारियल)
धान्य (चावल, गेहूं, जौ,ज्वार)
एक नई थैली में हल्दी की गांठ
झांकी सजाने के लिए सामान
श्री कृष्ण को झुलाने के लिए झूला
जन्माष्टमी पूजा-विधि
जन्माष्टमी के दिन सुबह स्नान करके भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद घर के पूजा स्थान को साफ करके भगवान श्रीकृष्ण की बाल स्वरूप वाली प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। दिनभर व्रत रखते हुए भगवान कृष्ण के मंत्रों का जाप, भजन और कथा का श्रवण करें। रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय यानी मध्यरात्रि में विशेष पूजा की जाती है। इस दौरान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को पंचामृत यानी दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से स्नान कराएं और फिर स्वच्छ जल से अभिषेक करें। इसके बाद भगवान को नए वस्त्र पहनाकर मोरपंख, बांसुरी, चंदन, फूल और तुलसी दल से श्रृंगार करें।