Hanuman Jayanti 2026: 2 अप्रैल को कब है सही तारीख? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, सामग्री, भोग, मंत्र, आरती और चालीसा पूरी जानकारी

Hanuman Jayanti 2026 Date, Time, Puja Vidhi: साल 2026 में हनुमान जयंती 2 अप्रैल, गुरुवार को मनाई जाएगी। जानें चैत्र पूर्णिमा तिथि का सही समय, पूजा का शुभ मुहूर्त, हनुमान जी की पूजा विधि, जरूरी सामग्री, भोग क्या चढ़ाएं, शक्तिशाली मंत्र, आरती और हनुमान चालीसा का महत्व। इस दिन बजरंगबली की विधि-विधान से पूजा करने से भय, रोग, कर्ज और संकट दूर होते हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि, धन और सफलता प्राप्त होती है। पढ़ें हनुमान जयंती 2026 से जुड़ी पूरी जानकारी और आसान उपाय।

Published On 2026-04-01 15:19 GMT   |   Update On 2026-04-01 15:19 GMT

हनुमान जयंती 2026: सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, सामग्री, भोग, मंत्र, आरती और चालीसा

Hanuman Jayanti 2026 Date, Time, Puja Vidhi, Mantra, Aarti: हनुमान जयंती भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को आता है और भक्तों के लिए बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। 2026 में तिथि को लेकर कन्फ्यूजन जरूर है, लेकिन पंचांग के अनुसार सही जानकारी नीचे दी गई है। शिवपुराण में बताया गया है कि भगवान शिव ने रुद्र अवतार के रूप में हनुमान जी को जन्म दिया। उनका जन्म माता अंजना और वानरराज केसरी के यहां हुआ था। हालांकि कई लोगों का मानना है कि हनुमान जी का जन्म कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हुआ था। इसलिए इस दिन भी हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। चैत्र पूर्णिमा के दिन जन्मे हनुमान जी की विधिवत पूजा करने के साथ-साथ व्रत रखने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से सुख-समृद्धि, धन-संपदा, ऐश्वर्य की प्राप्ति हो सकती है। रोग, दोष और भय से मुक्ति मिल सकती है। इसके अलावा श्री राम के साथ माता सीता की भी कृपा प्राप्त हो सकती है। आइए जानते हैं हनुमान जयंती का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, कथा, चालीसा, भोग, आरती सहित अन्य जानकारी

हनुमान जयंती कब है? (Hanuman Jayanti 2026 Date)

चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि आरंभ -1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से

चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि समाप्त- 2 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर

हनुमान जयंती 2026 तिथि- 2 अप्रैल 2026, गुरुवार

शुभ मुहूर्त (Puja Muhurat)

सबसे शुभ समय: सुबह सूर्योदय के बाद

ब्रह्म मुहूर्त: पूजा के लिए अत्यंत श्रेष्ठ

शाम का समय भी पूजा के लिए शुभ माना जाता है

सुबह पूजा और व्रत रखने से विशेष फल प्राप्त होता है।

हनुमान जयंती 2026 पूजा विधि (Hanuman Jayanti 2026 Puja Vidhi)

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त या फिर सूर्योदय से पहले उठकर नित्य कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें। इसके बाद स्वच्छ कपड़े धारण कर लें। हो सके तो लाल रंग के कपड़े पहनें, क्योंकि ये रंग हनुमान जी को अति प्रिय है। इसके बाद सबसे पहले एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाकर उसमें हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद जल से आचमन करके शुद्धि करें। फिर फूल, माला, वस्त्र, लाल या गुलाब के फूल, केसर युक्त चंदन, माला, चोला, जनेऊ और लाल लंगोट अर्पित करें। इसके साथ ही चमेली के तेल में लाल सिंदूर मिलाकर तिलक लगाएं। रूई में इत्र लगाकर भी चढ़ा सकते हैं। फिर भोग लगाएं। भोग के बाद घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा, मंत्र, कथा, बजरंग बाण का पाठ करने के बाद हनुमान जी की आरती कर लें। अंत में भूल चूक के लिए माफी मांग लें।

हनुमान जयंती मंत्र

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं, दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् ।

सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं, रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि ।।

मनोजवं मारुततुल्यवेगमं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् ।

वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये

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