Chaitra Navratri 2025 : चैत्र नवरात्रि साल 2025 में 30 मार्च दिन रविवार से प्रारंभ होने जा रही हैं, जोकि सात अप्रैल 2025 तक रहेंगी। इस दौरान मां भगवती के नौ रुपों की पूजा प्रत्येक अलग अलग दिन की जाएगी और व्रत किया जाएगा। वहीं, हिंदू धर्म में किसी भी पूजा से पहले शुभ मुहूर्त में घटस्थापना की जाती है। घटस्थापना के बाद ही पूजा कार्य संपन्न किए जाते हैं। वहीं घटस्थापना से ही नवरात्रि का व्रत प्रारंभ होता है।

2025-03-06 18:12 GMT

क्यों की जाती है घटस्थापना

ज्योतिष के अनुसार, मान्यता है कि समस्त ब्रह्मांड को घट की संज्ञा दी जाती है, अर्थात ब्रह्मांड में मौजूद शक्तियों का आवाह्न कर उन्हें कलश के रुप में प्रविष्ट किया जाता है और उसके बाद पूरे नौ दिनों तक कलश पूजा करने के साथ देवी के रुपों की पूजा की जाती है। ऐसा करने से मनुष्य को दुख और रोगों के साथ साथ कई अन्य प्रकार की परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है। वहीं पूजा संपन्न होने के बाद कलश को विधिवत रुप से विसर्जित कर दिया जाता है।


2025-03-06 18:11 GMT

नवरात्री कब है  2025

30 मार्च, दिन रविवार से चैत्र नवरात्रि इस बार प्रारंभ होंगी और सात अप्रैल, दिन सोमवार को संपन्न होंगी। वहीं, पहली शैलपुत्री, दूसरी ब्रह्मचारिणी, तीसरी चंद्रघंटा, चौथी कूष्मांडा, पांचवी स्कंध माता, छठी कात्यायिनी, सातवीं कालरात्रि, आठवीं महागौरी और नौवीं सिद्धिदात्री की पूजा इस दौरान की जाएगी।

साथ ही घटस्थापना को ज्योतिष के लिहाज से भी अहम माना जाता है। कहा जाता है कि घटस्थापना करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है और देवताओं के आशीर्वाद से पूजा विधिपूर्वक संपन्न होती है। इसीलिए घटस्थापना को पूजन का आधार माना जाता है।



2025-03-06 18:10 GMT

घटस्थापना शुभ मुहूर्त 2025


घटस्थापना (कलश स्थापना) शुभ मुहूर्त 2025

मुहूर्त: 30 मार्च, सुबह 06:13 बजे से 10:22 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: 30 मार्च, दोपहर 12:01 बजे से 12:50 बजे तक



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