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Parivartini Ekadashi 2026: 22 सितंबर को है परिवर्तिनी एकादशी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, रवि योग और पारण समय

Parivartini Ekadashi 2026: परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। जानें एकादशी तिथि, रवि योग, पूजा का शुभ मुहूर्त, पारण समय, भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा विधि और धार्मिक महत्व।

Parivartini Ekadashi 2026: 22 सितंबर को है परिवर्तिनी एकादशी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, रवि योग और पारण समय
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Parivartini Ekadashi 2026: 22 सितंबर को है परिवर्तिनी एकादशी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, रवि योग और पारण समय

Parivartini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इसे वामन एकादशी और कई परंपराओं में पार्श्व एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

इस एकादशी को भगवान विष्णु के वामन अवतार से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि चातुर्मास के दौरान क्षीरसागर में शयन कर रहे भगवान विष्णु इस समय अपनी करवट बदलते हैं, इसी वजह से इसका नाम परिवर्तिनी एकादशी पड़ा।

परिवर्तिनी एकादशी 2026 तारीख

फ्यूचर पंचांग के अनुसार, इस बार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 21 सितंबर को रात में 8 बजे से शुरू हो रही है। साथ ही यह तिथि अगले दिन 22 सितंबर को रात 9 बजकर 42 मिनट तक रहेगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर मंगलवार को रखा जाएगा

परिवर्तिनी एकादशी शुभ मुहूर्त और योग 2026

परिवर्तिनी एकादशी के दिन रवि योग बन रहा है। इस दिन रवि योग सुबह में 6 बजकर 9 मिनट पर शुरू होगा और सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। इस योग में सूर्य का प्रभाव अधिक होने से कोई दोष नहीं रह जाता है। एकादशी को लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह में 10:43 ए एम से दोपहर 12:14 पी एम तक है, उसके बाद अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 12:14 पी एम से 01:45 पी एम तक रहेगा। इस दिन का अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 49 ए एम से लेकर दोपहर 12 बजकर 38 पी एम तक रहेगा। इस समय में पूजा- अर्चना कर सकते हैं।

परिवर्तिनी एकादशी का धार्मिक महत्व

परिवर्तिनी एकादशी को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पद्म पुराण आदि धार्मिक ग्रंथों में एकादशी व्रत की महिमा का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक इस व्रत को करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए पाप कर्मों का नाश होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करने की भी परंपरा है। भक्त उपवास रखकर भगवान विष्णु को तुलसी दल, पीले फूल, फल और पंचामृत अर्पित करते हैं। धार्मिक विश्वास है कि परिवर्तिनी एकादशी का व्रत करने से धन-धान्य, सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

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