Ishta Devta By Date Of Birth: जन्मतिथि से जानें अपना इष्टदेव, मूलांक 1 से 9 तक किस देवी-देवता की करें पूजा?
Ishta Devta By Date Of Birth: जन्मतिथि से मूलांक निकालकर जानें किस देवी-देवता की पूजा आपके लिए शुभ मानी जाती है। जानें मूलांक 1 से 9 तक के इष्टदेव, पूजा और उपाय।

जन्मतिथि से जानें अपना इष्टदेव: मूलांक 1 से 9 तक किस देवी-देवता की करें पूजा?
Ishta Devta By Date Of Birth: हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। हर परिवार में कुलदेवता या कुलदेवी की पूजा की परंपरा होती है, लेकिन इसके साथ व्यक्ति अपनी श्रद्धा और आध्यात्मिक जुड़ाव के अनुसार अपने इष्टदेव या इष्टदेवी की भी आराधना कर सकता है। ज्योतिष और अंक ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार जन्मतिथि से निकाले गए मूलांक के आधार पर भी इष्टदेव के बारे में जाना जा सकता है।
अगर आपको भी यह जानना है कि आपकी जन्मतिथि के अनुसार आपके इष्टदेव कौन हैं, तो सबसे पहले अपना मूलांक जानें और फिर नीचे दी गई जानकारी देखें।
क्या होता है मूलांक?
अंक ज्योतिष में जन्म की तारीख से मूलांक निकाला जाता है। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति का जन्म महीने की 14 तारीख को हुआ है तो 1+4 = 5 होगा। यानी उसका मूलांक 5 माना जाएगा।
इसी तरह 1 से 9 तक के मूलांक के आधार पर अलग-अलग ग्रहों का संबंध बताया जाता है और इन्हीं ग्रहों के आधार पर देवी-देवताओं की उपासना की सलाह दी जाती है।
मूलांक 1 वालों के इष्टदेव
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 1 होता है। इसका संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है।
मूलांक 1 वालों के लिए सूर्य देव और भगवान श्रीराम की पूजा शुभ मानी जाती है। ऐसे लोग नेतृत्व क्षमता वाले और आत्मविश्वासी हो सकते हैं।
उपाय: रोज सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करें। मान्यता के अनुसार आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ भी लाभकारी माना जाता है।
मूलांक 2 वालों के इष्टदेव
जिनका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 2 होता है। इस मूलांक के स्वामी चंद्रमा माने जाते हैं।
मूलांक 2 के लोगों के लिए भगवान शिव और चंद्र देव की पूजा करना शुभ माना जाता है। ये लोग भावुक, संवेदनशील और शांत स्वभाव के हो सकते हैं।
उपाय: सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करें और पूर्णिमा के दिन चंद्र देव को अर्घ्य देने की परंपरा निभा सकते हैं।
मूलांक 3 वालों के इष्टदेव
अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 3 होगा। इसका संबंध गुरु बृहस्पति से माना जाता है।
मूलांक 3 वालों के लिए भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और गुरु बृहस्पति की आराधना शुभ मानी जाती है। ऐसे लोग ज्ञान प्राप्त करने और दूसरों का मार्गदर्शन करने में रुचि रखते हैं।
उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की पूजा करें और पीले रंग की वस्तुओं का दान करने की परंपरा निभा सकते हैं।
मूलांक 4 वालों के इष्टदेव
जिन लोगों का जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 4 होता है। इसका संबंध राहु से माना जाता है।
मूलांक 4 वालों के लिए मां दुर्गा और मां सरस्वती की आराधना शुभ मानी जाती है। इन लोगों में विश्लेषण करने और अलग तरीके से सोचने की क्षमता अच्छी हो सकती है।
उपाय: मां दुर्गा की पूजा करें और नियमित रूप से राहु के मंत्र का जाप श्रद्धा के साथ कर सकते हैं।
मूलांक 5 वालों के इष्टदेव
जिनका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 5 होता है। इसके स्वामी बुध ग्रह माने जाते हैं।
मूलांक 5 के जातकों के लिए भगवान श्रीकृष्ण की पूजा शुभ मानी जाती है। ये लोग बुद्धिमान, तेज-तर्रार और बातचीत में कुशल हो सकते हैं। व्यापार और कम्युनिकेशन से जुड़े कामों में भी इनकी रुचि हो सकती है।
उपाय: बुधवार को श्रीकृष्ण की पूजा करें और बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
मूलांक 6 वालों के इष्टदेव
अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 6 होगा। इसका संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है।
मूलांक 6 वालों के लिए श्रीकृष्ण, भगवान वामन और शुक्र देव की पूजा का उल्लेख मिलता है। ऐसे लोग संवेदनशील होने के साथ दूसरों की मदद करने वाले हो सकते हैं।
उपाय: शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें और जरूरतमंदों की सहायता करें।
मूलांक 7 वालों के इष्टदेव
जिन लोगों का जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 7 होता है। इसका संबंध केतु ग्रह से माना जाता है।
मूलांक 7 वालों के लिए भगवान गणेश और भगवान नरसिंह की आराधना शुभ मानी जाती है। इन लोगों का झुकाव अध्यात्म और गहरी सोच की ओर हो सकता है।
उपाय: किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश का स्मरण करें और गणेश मंत्र का जाप करें।
मूलांक 8 वालों के इष्टदेव
अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 8 होगा। इसका संबंध शनि ग्रह से माना जाता है।
मूलांक 8 वालों के लिए शनिदेव और हनुमान जी की पूजा विशेष मानी जाती है। ऐसे लोग मेहनती, अनुशासनप्रिय और जिम्मेदार स्वभाव के हो सकते हैं।
उपाय: शनिवार को शनिदेव की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ श्रद्धा से कर सकते हैं।
मूलांक 9 वालों के इष्टदेव
जिनका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 9 होता है। इसका संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है।
मूलांक 9 वालों के लिए हनुमान जी, भगवान कार्तिकेय और मंगल देव की आराधना शुभ मानी जाती है। ये लोग साहसी, ऊर्जावान और आत्मविश्वासी हो सकते हैं।
उपाय: मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं।
सिर्फ मूलांक से ही इष्टदेव तय होता है?
अंक ज्योतिष के अलावा ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के आधार पर भी इष्टदेव का निर्धारण करने की परंपरा है। इसके लिए कुंडली के पंचम भाव और उसमें स्थित ग्रहों को देखा जाता है। इसके आधार पर व्यक्ति के आराध्य देवी-देवता के बारे में ज्योतिषीय मत दिया जाता है।
यह भी जरूरी नहीं है कि किसी व्यक्ति का आध्यात्मिक जुड़ाव केवल एक ही देवी या देवता से हो। श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्यक्ति एक से अधिक देवी-देवताओं की पूजा कर सकता है।
कुलदेवता और इष्टदेव में क्या अंतर है?
कुलदेवता या कुलदेवी का संबंध परिवार और वंश की परंपरा से होता है। जिन देवी-देवताओं की पूजा परिवार में पीढ़ियों से होती आ रही है, उन्हें कुलदेवता या कुलदेवी कहा जाता है।
वहीं इष्टदेव या इष्टदेवी वह आराध्य माने जाते हैं जिनसे व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से आध्यात्मिक और मानसिक जुड़ाव महसूस होता है। इसलिए कुलदेवता और इष्टदेव को हमेशा एक ही मानना जरूरी नहीं है।

