Pearl Gemstone Benefits in Hindi :मोती रत्न पहनने के लाभ, नियम और पहनने का सही तरीका
मोती रत्न (Pearl) को ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रह का रत्न माना जाता है, जो मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता है। इस लेख में जानिए मोती रत्न पहनने के फायदे, इसे पहनने का सही तरीका, पहनने के नियम, किस उंगली में मोती पहनना चाहिए, किन लोगों के लिए यह शुभ होता है और मोती धारण करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सही विधि से मोती पहनने से जीवन में शांति, आत्मविश्वास और स्थिरता आने की मान्यता है।

मोती रत्न पहनने के लाभ, नियम और पहनने का सही तरीका
Moti Gemstone Benefits and Wearing Method in Hindi: ज्योतिष शास्त्र में मोती (Pearl) को चंद्र ग्रह का रत्न माना जाता है। मान्यता है कि मोती पहनने से मन की शांति, मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्थिरता प्राप्त होती है। कई लोग जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए मोती धारण करते हैं।
इस लेख में जानिए — मोती रत्न पहनने के फायदे, इसे पहनने का सही तरीका और किन लोगों के लिए यह शुभ माना जाता है।
मोती रत्न का ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष के अनुसार मोती चंद्रमा से जुड़ा रत्न है। चंद्र ग्रह मन, भावनाओं, माता, मानसिक स्थिति और शांति का कारक माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है, उन्हें मोती पहनने की सलाह दी जाती है।
मान्यता है कि यह रत्न मन को शांत करता है और व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होता है।
मोती पहनने के लाभ
मोती रत्न पहनने से निम्न लाभ प्राप्त होने की मान्यता है:
मानसिक तनाव और चिंता कम करने में सहायक
मन में शांति और सकारात्मक विचारों का विकास
भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद
पारिवारिक संबंधों में मधुरता बढ़ती है
निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है
नींद से जुड़ी समस्याओं में राहत मिल सकती है
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह रत्न व्यक्ति के स्वभाव को शांत और संतुलित बनाने में मदद करता है।
मोती रत्न पहनने का सही तरीका
मोती धारण करते समय कुछ नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है:
मोती चांदी की अंगूठी या लॉकेट में पहनना शुभ माना जाता है।
इसे दाहिने हाथ की छोटी उंगली (कनिष्ठा) में पहनने की सलाह दी जाती है।
सोमवार के दिन सुबह स्नान के बाद इसे धारण करना श्रेष्ठ माना जाता है।
पहनने से पहले इसे कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए।
“ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
किन लोगों को मोती पहनने से पहले सलाह लेनी चाहिए
हर रत्न सभी लोगों के लिए लाभकारी नहीं होता। इसलिए:
कुंडली में चंद्रमा की स्थिति देखे बिना मोती नहीं पहनना चाहिए।
ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
गलत रत्न पहनने से अपेक्षित लाभ नहीं मिलते।
मोती रत्न को शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। सही विधि और उचित सलाह के साथ मोती धारण करने से मानसिक स्थिरता और जीवन में सुख-शांति बढ़ने की मान्यता है। हालांकि किसी भी रत्न को पहनने से पहले ज्योतिषीय सलाह लेना आवश्यक माना जाता है।

