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गुरु गोचर 2026: 2 जून को कर्क राशि में बृहस्पति का प्रवेश, जानें किन राशियों को मिलेगा धन, विवाह और करियर में सफलता

गुरु गोचर 2026: 2 जून को बृहस्पति कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जो उनकी उच्च राशि है। जानें इस गोचर का 12 राशियों पर प्रभाव, धन लाभ, विवाह योग और करियर में सफलता के संकेत।

गुरु गोचर 2026: 2 जून को कर्क राशि में बृहस्पति का प्रवेश, जानें किन राशियों को मिलेगा धन, विवाह और करियर में सफलता
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गुरु गोचर 2026: 2 जून को कर्क राशि में बृहस्पति का प्रवेश, जानें 12 राशियों पर असर

Guru Gochar 2026 (Jupiter Transit in Cancer): वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति (गुरु) को सबसे शुभ ग्रह माना जाता है। यह ज्ञान, धन, विवाह, संतान और भाग्य का कारक होता है।

साल 2026 में गुरु का सबसे बड़ा गोचर 2 जून 2026 को होने जा रहा है, जब बृहस्पति मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जो उनकी उच्च (Exalted) राशि मानी जाती है।

गुरु गोचर 2026 कब होगा?

तारीख: 2 जून 2026 (मंगलवार)

समय: लगभग सुबह 2:25 बजे से 6:30 बजे के बीच (विभिन्न पंचांग अनुसार)

गोचर: मिथुन → कर्क राशि

गुरु कर्क राशि में 31 अक्टूबर 2026 तक रहेंगे, फिर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।

गुरु गोचर का महत्व

बृहस्पति अपनी उच्च राशि (कर्क) में सबसे शक्तिशाली माने जाते हैं

भाग्य, ज्ञान और धन में वृद्धि

विवाह और संतान से जुड़े शुभ परिणाम

जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव

इस दौरान गजकेसरी योग जैसे शुभ योग बनने की संभावना भी रहती है, जो राजयोगों में श्रेष्ठ माना जाता है।

गुरु का कर्क राशि में गोचर

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरु को देवताओं का गुरु माना जाता है, जो करीब 1 साल में राशि परिवर्तन करते हैं। लेकिन इस समय गुरु बृहस्पति अतिचारी गति से चल रहे हैं जिसके कारण वह एक साल में 2-3 बार राशि परिवर्तन करेंगे। बता दें कि गुरु बृहस्पति जून माह में कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। गुरु के अपने उच्च राशि में आने से 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से प्रभाव देखने को मिलने वाला है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं गुरु बृहस्पति के कर्क राशि में जाने से मेष से लेकर मीन राशि के जातकों के जीवन में क्या प्रभाव देखने को मिलने वाला है। द्रिक पंचांग के अनुसार, देवताओं के गुरु बृहस्पति 2 जून 2026 को 02:25 ए एम को कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे और 31 अक्टूबर 2026 तक इसी राशि में रहेंगे। इसके बाद सिंह राशि में गोचर करेंगे।

मेष राशि पर गुरु के कर्क राशि में जाने से असर

मेष राशि के लिए बृहस्पति आपकी गोचर कुंडली के चौथे भाव में रहने वाले हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में ला मिल सकता है। नौकरीपेशा जातकों के लिए ये अवधि लाभकारी हो सकती है। प्रमोशन के साथ सम्मान और सफलता हासिल हो सकती है। चौथे घर से बृहस्पति की सातवीं दृष्टि आपके कर्म भाव पर जाती है, जिससे पदोन्नति के साथ कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। रियल एस्टेट या नया वाहन लेने के लिए यह समय अनुकूल है।

मेष राशि पर गुरु के कर्क राशि में जाने से असर

मेष राशि के लिए बृहस्पति आपकी गोचर कुंडली के चौथे भाव में रहने वाले हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में ला मिल सकता है। नौकरीपेशा जातकों के लिए ये अवधि लाभकारी हो सकती है। प्रमोशन के साथ सम्मान और सफलता हासिल हो सकती है। चौथे घर से बृहस्पति की सातवीं दृष्टि आपके कर्म भाव पर जाती है, जिससे पदोन्नति के साथ कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। रियल एस्टेट या नया वाहन लेने के लिए यह समय अनुकूल है।

वृष राशि पर गुरु के कर्क राशि में जाने से असर

इस राशि की गोचर कुंडली में बृहस्पति तीसरे घर से गोचर कर रहे हैं। यह गोचर ट्रैवल, टूरिज्म, ट्रांसपोर्टेशन, रियल एस्टेट और स्वतंत्र व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए विशेष लाभदायक है। पांचवीं दृष्टि सातवें घर पर जाकर नए व्यापार, साझेदारी और जीवनसाथी के मामलों में लाभ प्रदान करेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। अध्यात्म की ओर झुकाव होगा। मित्रों और भाई-बहनों के सहयोग से आय और लाभ में वृद्धि होगी।

मिथुन राशि पर गुरु के कर्क राशि में जाने से असर

इस राशि में बृहस्पति उच्च होकर दूसरे घर से गोचर कर रहे हैं। यहां बृहस्पति ज्ञान और वाणी में सुधार करेंगे, जिससे सामाजिक मान्यता और प्रशंसा मिलेगी। परिवार में खुशहाली और वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। शिक्षा और बोलने से जुड़े व्यवसायों में यह समय लाभकारी रहेगा। कार्यस्थल पर प्रमोशन और सफलता मिलेगी। कर्ज से निजात मिलने के साथ-साथ धन लाभ हो सकता है।

गुरु के कर्क राशि में जाने से असर

इस राशि में बृहस्पति उच्च होकर दूसरे घर से गोचर कर रहे हैं। यहां बृहस्पति ज्ञान और वाणी में सुधार करेंगे, जिससे सामाजिक मान्यता और प्रशंसा मिलेगी। परिवार में खुशहाली और वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। शिक्षा और बोलने से जुड़े व्यवसायों में यह समय लाभकारी रहेगा। कार्यस्थल पर प्रमोशन और सफलता मिलेगी। कर्ज से निजात मिलने के साथ-साथ धन लाभ हो सकता है।

कर्क राशि पर गुरु के कर्क राशि में जाने से असर

इस राशि के लग्न भाव में गुरु बृहस्पति विराजमान है। उच्च में होने के कारण सामाजिक सम्मान, प्रतिष्ठा और व्यक्तित्व में वृद्धि होगी। पांचवीं दृष्टि संतान, शिक्षा और मंत्र संबंधी मामलों में लाभ देगी, जबकि सातवीं दृष्टि विवाह में सुरक्षा प्रदान करेगी। छठे घर के स्वामी होने के कारण बृहस्पति रोग और शत्रु निवारण में मदद करेंगे, लेकिन संघर्ष और चुनौती भी आएंगी।

मकर राशि पर गुरु के कर्क राशि में जाने से असर

मकर राशि के लिए बृहस्पति सातवें घर से गोचर कर रहे हैं। उच्च राशि में होने के कारण यह गोचर लाभकारी है। विवाह योग्य मकर राशि वालों के लिए यह समय विवाह के अवसर प्रदान करेगा। पांचवीं दृष्टि 11वें घर पर और नवीं दृष्टि तीसरे घर पर जाएगी, जिससे आय, लाभ और नई योजनाओं में सहायता मिलेगी।

कुंभ राशि पर गुरु के कर्क राशि में जाने से असर

कुंभ राशि के लिए बृहस्पति छठे घर से गोचर कर रहे हैं। यह घर संघर्ष, रोग और शत्रुता का प्रतीक है। उच्च में होने के कारण बृहस्पति राहत देंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं, स्वास्थ्य और छिपे शत्रुओं से निपटने में लाभ मिलेगा। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सफलता का मार्ग मिलेगा।

मीन राशि पर गुरु के कर्क राशि में जाने से असर

मीन राशि के लिए बृहस्पति पांचवें घर से गोचर कर रहे हैं। साढ़ेसाती के दंश से राहत मिलेगी। नौवीं दृष्टि शनि पर होने से शनि के बुरे प्रभाव नियंत्रित होंगे और बुद्धि, स्थिरता तथा मार्गदर्शन मिलेगा।

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