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Budh Rahu Yuti 2026: इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर-बिजनेस में लाभ

Budh Rahu Yog 2026 फरवरी महीने में 18 साल बाद कुंभ राशि में बन रहा है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार यह दुर्लभ योग बुद्धि, व्यापार, करियर और अचानक धन लाभ के संकेत देता है। इस लेख में जानिए बुध–राहु युति का प्रभाव, वे तीन भाग्यशाली राशियां जिनकी किस्मत चमक सकती है, नौकरी में प्रमोशन, बिजनेस ग्रोथ, शेयर बाजार व निवेश से लाभ के योग और किन बातों में सावधानी जरूरी है। यह ज्योतिषीय संयोग कई लोगों के जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

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माघ मास शिवरात्रि 2026: क्या है विशेषता

साल 2026 की पहली मासिक शिवरात्रि जनवरी माह में मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि इस दिन भोलेनाथ की पूजा और रात्रि जागरण करने से कष्टों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है। माघ मास में आने वाली यह शिवरात्रि खास तौर पर पुण्यदायी मानी गई है।

तिथि: कब है माघ मास की शिवरात्रि?

वैदिक पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को रात 10 बजकर 02 मिनट पर होगी। यह तिथि 17 जनवरी 2026 की रात 12 बजकर 04 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के नियम को ध्यान में रखते हुए माघ मास की शिवरात्रि का व्रत 17 जनवरी 2026 को रखा जाएगा। इस दिन भक्त उपवास रखकर शिव की आराधना करेंगे।

पूजन एवं शुभ मुहूर्त

माघ शिवरात्रि के दिन पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त को विशेष रूप से शुभ माना गया है। यह मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में भगवान शिव का अभिषेक, बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल चढ़ाना फलदायी माना जाता है। भक्त रात्रि में जलाभिषेक और शिव मंत्रों का जाप कर शिव कृपा प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।

मन्त्र एवं साधना का महत्व

मासिक शिवरात्रि पर शिव मंत्रों का जप अत्यंत लाभकारी माना गया है। इस दिन ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘ॐ नमो भगवते रुद्राय’, ‘ॐ त्र्यम्बकं यजामहे’ और ‘ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्’ जैसे मंत्रों का जाप करने से मानसिक शांति, आध्यात्मिक लाभ और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। रात में शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।

माघ शिवरात्रि का धार्मिक महत्व

धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि माघ मास की शिवरात्रि का व्रत करने से पाप नष्ट होते हैं, रोग-दोष दूर होते हैं और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति आती है। माना जाता है कि शिवभक्तों को इस व्रत के प्रभाव से संतान, धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। आर्थिक परेशानियां कम होती हैं और घर में समृद्धि का वास होता है। इसलिए शिव भक्त इस दिन शिव साधना और रात्रि जागरण को अत्यंत फलदायी मानते हैं।

माघ शिवरात्रि 2026 का व्रत 17 जनवरी को रखा जाएगा, जो भक्तों के लिए आस्था, भक्ति और पुण्य अर्जन का उत्तम अवसर लेकर आ रहा है।

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