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आज का पंचांग 4 जून 2026: तृतीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और गुरुवार के उपाय

आज का पंचांग 4 जून 2026 पढ़ें। जानें आषाढ़ कृष्ण तृतीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, ब्रह्म योग, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल, गुरुवार के उपाय और धार्मिक महत्व।

आज का पंचांग 4 जून 2026: तृतीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और गुरुवार के उपाय
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आज का पंचांग 4 जून 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग – 4 जून 2026 (गुरुवार)

4 जून 2026, गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। यह दिन ज्ञान, धर्म, आध्यात्मिकता, शिक्षा, गुरु कृपा और शुभ कार्यों का प्रतीक है। गुरुवार को किए गए धार्मिक और मांगलिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।

आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। तृतीया तिथि को शुभ कार्यों, धन संबंधी योजनाओं, शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तम माना जाता है। यह दिन आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना जाता है।

पंचांग विवरण

दिन: गुरुवार

मास: आषाढ़

पक्ष: कृष्ण पक्ष

तिथि: तृतीया

विक्रम संवत: 2083

ऋतु: ग्रीष्म ऋतु

सूर्य राशि: वृषभ

सूर्योदय: प्रातः लगभग 05:25 बजे

सूर्यास्त: सायं लगभग 07:33 बजे

नक्षत्र और चंद्र राशि

नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

चंद्र राशि: धनु से मकर में प्रवेश

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र को विजय, नेतृत्व, दृढ़ निश्चय और सफलता का प्रतीक माना जाता है। यह नक्षत्र व्यक्ति को अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

योग और करण

योग: ब्रह्म योग

करण: विष्टि, बव

ब्रह्म योग को ज्ञान, शिक्षा, आध्यात्मिक साधना और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता और सम्मान मिलने की संभावना रहती है।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त:

11:50 AM – 12:40 PM

अमृत काल:

08:30 AM – 10:05 AM

पूजा-पाठ, शिक्षा, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह समय शुभ माना जाता है।

अशुभ समय

राहुकाल: 01:30 PM – 03:00 PM

गुलिक काल: 09:00 AM – 10:30 AM

यमगण्ड काल: 06:00 AM – 07:30 AM

इन समयों में नए और शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

धार्मिक महत्व

आषाढ़ कृष्ण तृतीया का विशेष महत्व है।

गुरुवार को भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा शुभ मानी जाती है।

शिक्षा, ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है।

दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

गुरुवार के उपाय

भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।

पीली दाल, हल्दी या केले का दान करें।

गुरुजनों और बुजुर्गों का सम्मान करें।

आज का दिन धैर्य, ज्ञान और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है। शिक्षा, करियर और धार्मिक कार्यों में विशेष सफलता मिलने की संभावना है।

4 जून 2026 का पंचांग ज्ञान, सफलता, आध्यात्मिक ऊर्जा और शुभ अवसरों का संदेश देता है। भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की कृपा से यह दिन आपके लिए मंगलमय और फलदायी रह सकता है।

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