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6 September 2026 Panchang: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, Rahukaal और शुभ Muhurat

6 September 2026 Panchang: रविवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। जानें आज का Panchang, Tithi, Nakshatra, Yog, Karan, Rahukaal, Yamagand, Abhijit Muhurat और शुभ-अशुभ समय।

6 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

6 September 2026 Panchang: 6 सितंबर 2026, रविवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। इस दिन चंद्रमा मिथुन राशि में रहेगा और आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। दशमी तिथि शाम करीब 7:29 बजे तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि शुरू हो जाएगी। वहीं आर्द्रा नक्षत्र भी शाम करीब 7:52 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होगा।

6 सितंबर 2026 का पंचांग

दिन: रविवार

तिथि: कृष्ण पक्ष दशमी, शाम 7:29 बजे तक; इसके बाद एकादशी

पक्ष: कृष्ण पक्ष

मास: भाद्रपद

नक्षत्र: आर्द्रा, शाम 7:52 बजे तक; इसके बाद पुनर्वसु

योग: सिद्धि, सुबह 9:44 बजे तक; इसके बाद व्यतीपात

करण: वणिज, सुबह 8:42 बजे तक; इसके बाद विष्टि (भद्रा)

चंद्र राशि: मिथुन

सूर्य राशि: सिंह

वार: रविवार

विक्रम संवत: 2083

शक संवत: 1948

नई दिल्ली के अनुसार 6 सितंबर को सूर्योदय सुबह 6:01 बजे और सूर्यास्त शाम 6:37 बजे होगा। चंद्रमा का उदय करीब 12:27 बजे रात और अस्त दोपहर करीब 3:13 बजे होगा।

6 सितंबर 2026 का शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:30 बजे से 5:16 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:13 बजे से 7:01 बजे तक

प्रदोष काल: शाम 6:37 बजे से रात 8:07 बजे तक

निशिता काल: रात 11:56 बजे से 12:42 बजे तक

6 सितंबर 2026 का राहुकाल

रविवार को राहुकाल दिन के अंतिम भाग में पड़ता है। नई दिल्ली में 6 सितंबर को राहुकाल शाम 5:02 बजे से 6:37 बजे तक रहेगा। इस अवधि में शुभ कार्य या किसी नए महत्वपूर्ण काम की शुरुआत करने से बचने की धार्मिक मान्यता है।

अन्य अशुभ समय

यमगंड: दोपहर 12:19 बजे से 1:53 बजे तक

गुलिक काल: दोपहर 3:28 बजे से शाम 5:02 बजे तक

भद्रा: सुबह 8:42 बजे से शाम 7:29 बजे तक

6 सितंबर को क्या करें?

रविवार का दिन सूर्य देव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। सूर्य मंत्र का जाप करें और अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें।

आर्द्रा नक्षत्र के दौरान भगवान शिव की उपासना करना भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। सोमवार की तरह रविवार को भी शिवलिंग पर जल अर्पित कर भगवान शिव का ध्यान किया जा सकता है।

6 सितंबर 2026 को क्या न करें?

राहुकाल के दौरान नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचें। इसके अलावा महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय लेते समय जल्दबाजी न करें। भद्रा काल में भी शुभ कार्यों को लेकर सावधानी बरतने की परंपरा है।

6 सितंबर 2026 का धार्मिक महत्व

6 सितंबर को कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। शाम 7:29 बजे के बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। इसलिए एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को तिथि परिवर्तन के समय का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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