22 जुलाई 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, श्रावण शुक्ल सप्तमी, उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र और बुधवार के उपाय
22 जुलाई 2026 पंचांग: जानें बुधवार का पंचांग, श्रावण शुक्ल सप्तमी तिथि, उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र, शुभ योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय, सूर्यास्त और भगवान गणेश-शिव की पूजा का महत्व।

22 जुलाई 2026 का पंचांग (बुधवार)
पंचांग विवरण
दिन: बुधवार
तिथि: श्रावण शुक्ल सप्तमी
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: श्रावण मास
विक्रम संवत: 2083
सूर्य राशि: कर्क
चंद्र राशि: तुला
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: प्रातः 05:41 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:38 बजे
तिथि
श्रावण शुक्ल सप्तमी
सप्तमी तिथि को भगवान सूर्य की आराधना के लिए विशेष शुभ माना जाता है। यह तिथि स्वास्थ्य, ऊर्जा, सफलता और आत्मविश्वास में वृद्धि करने वाली मानी जाती है। श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा के साथ सूर्य देव को अर्घ्य देने का भी विशेष महत्व है।
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र मित्रता, सहयोग, प्रतिष्ठा और उन्नति का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में नए कार्यों की शुरुआत, व्यापार, शिक्षा, नौकरी और सामाजिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना रहती है।
योग
शुभ योग
शुभ योग मांगलिक कार्यों, धार्मिक अनुष्ठानों, व्यापार, निवेश, शिक्षा और नई योजनाओं की शुरुआत के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता और शुभ फल मिलने की मान्यता है।
करण
वणिज करण
विष्टि (भद्रा) करण
वणिज करण व्यापार और आर्थिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। भद्रा काल में विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों से बचना उचित माना जाता है, जबकि पूजा-पाठ और साधना करना शुभ रहता है।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:55 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:46 बजे से 03:42 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 09:05 बजे से 10:40 बजे तक
अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक
यमगण्ड काल: प्रातः 07:30 बजे से 09:00 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
धार्मिक महत्व
बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से बुद्धि, विवेक और सफलता की प्राप्ति होती है। श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक, गणेश जी को दूर्वा अर्पित करना तथा "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
बुधवार के उपाय
भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करें।
भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक और हरे वस्त्र अर्पित करें।
"ॐ गं गणपतये नमः" और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
हरी मूंग, हरा वस्त्र या हरी सब्जियों का दान करें।
गाय को हरा चारा खिलाएं और जरूरतमंदों की सहायता करें।

