20 जून 2026 पंचांग: आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, पुष्य नक्षत्र, हर्षण योग और शनि पूजा का महत्व
Aaj Ka Panchang 20 June 2026: जानें शनिवार का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त समय, शनि पूजा उपाय और धार्मिक महत्व।

आज का पंचांग – 20 जून 2026 (शनिवार)
20 जून 2026 पंचांग
20 जून 2026, शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि महाराज को समर्पित है। यह दिन कर्म, अनुशासन, धैर्य, सेवा और न्याय का प्रतीक माना जाता है। शनिवार को शनि देव की पूजा और दान-पुण्य करने से जीवन की बाधाएं कम होती हैं तथा कार्यों में स्थिरता और सफलता प्राप्त होती है।
पंचांग विवरण
दिन: शनिवार
मास: आषाढ़ मास
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: चतुर्थी
विक्रम संवत: 2083
ऋतु: ग्रीष्म ऋतु
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: कर्क
सूर्योदय: प्रातः 05:26 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:39 बजे
तिथि
शुक्ल पक्ष चतुर्थी
चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
नक्षत्र
पुष्य नक्षत्र
पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में अत्यंत शुभ माना जाता है। यह नक्षत्र धन, समृद्धि, शिक्षा, व्यापार और धार्मिक कार्यों के लिए विशेष लाभदायक माना जाता है।
योग
हर्षण योग
हर्षण योग सुख, प्रसन्नता, सफलता और सकारात्मक परिणाम देने वाला शुभ योग माना जाता है। इस योग में शुरू किए गए कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
करण
विष्टि (भद्रा) करण
बव करण
भद्रा काल में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों से बचना शुभ माना जाता है।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
11:55 AM – 12:46 PM
विजय मुहूर्त
02:37 PM – 03:33 PM
अमृत काल
09:18 AM – 10:56 AM
रवि योग
दिन के शुभ समय में प्रभावी
अशुभ समय
राहुकाल
09:00 AM – 10:30 AM
यमगण्ड काल
01:30 PM – 03:00 PM
गुलिक काल
06:00 AM – 07:30 AM
इन समयों में नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
धार्मिक महत्व
शनिवार को शनि देव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की आराधना करने से विघ्नों का नाश होता है।
पुष्य नक्षत्र में किए गए शुभ कार्य दीर्घकाल तक लाभ देते हैं।
दान-पुण्य और सेवा कार्यों से शनि कृपा प्राप्त होती है।
शनिवार के उपाय
शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें।
"ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का जाप करें।
काले तिल, उड़द दाल या लोहे की वस्तु का दान करें।
पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं।
भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
आज का दिन धैर्य, अनुशासन और सोच-समझकर निर्णय लेने का है। शिक्षा, व्यापार, निवेश और धार्मिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। क्रोध और जल्दबाजी से बचना लाभदायक रहेगा।

