18 जून 2026 पंचांग: आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, आर्द्रा नक्षत्र, ध्रुव योग और धार्मिक महत्व
Aaj Ka Panchang 18 June 2026: जानें गुरुवार का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त समय, पूजा उपाय और धार्मिक महत्व।

आज का पंचांग – 18 जून 2026 (गुरुवार)
18 जून 2026 पंचांग
18 जून 2026, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। यह दिन ज्ञान, धर्म, भाग्य, शिक्षा, विवाह, संतान सुख और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। गुरुवार के दिन पूजा-पाठ, दान-पुण्य और गुरुजनों का सम्मान करने से विशेष शुभ फल प्राप्त होता है।
पंचांग विवरण
दिन: गुरुवार
मास: आषाढ़ मास
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: द्वितीया
विक्रम संवत: 2083
ऋतु: ग्रीष्म ऋतु
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: मिथुन
सूर्योदय: प्रातः 05:25 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:39 बजे
तिथि
शुक्ल पक्ष द्वितीया
द्वितीया तिथि को शुभ कार्यों, नए संबंधों की शुरुआत, यात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अनुकूल माना जाता है। यह तिथि प्रेम, सहयोग और सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है।
नक्षत्र
आर्द्रा नक्षत्र
आर्द्रा नक्षत्र परिवर्तन, शोध, ज्ञान और नई दिशा का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में गंभीर विषयों पर चिंतन, अध्ययन और नई योजनाओं का निर्माण लाभदायक माना जाता है।
योग
ध्रुव योग
ध्रुव योग स्थिरता, सफलता और दीर्घकालिक लाभ प्रदान करने वाला शुभ योग माना जाता है। इस योग में आरंभ किए गए कार्य लंबे समय तक शुभ फल देते हैं।
करण
कौलव करण
तैतिल करण
ये दोनों करण व्यापार, यात्रा, निवेश और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
11:54 AM – 12:45 PM
विजय मुहूर्त
02:36 PM – 03:32 PM
अमृत काल
10:15 AM – 11:50 AM
सर्वार्थ सिद्धि योग
प्रातःकाल में शुभ प्रभाव
अशुभ समय
राहुकाल
01:30 PM – 03:00 PM
यमगण्ड काल
06:00 AM – 07:30 AM
गुलिक काल
09:00 AM – 10:30 AM
इन समयों में नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
धार्मिक महत्व
गुरुवार को भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
पीले वस्त्र धारण करना और पीली वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।
धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन और सत्संग में भाग लेना लाभकारी होता है।
गुरुजनों और बुजुर्गों का सम्मान करने से भाग्य में वृद्धि होती है।
गुरुवार के उपाय
भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
"ॐ बृं बृहस्पतये नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
पीली दाल, हल्दी या केले का दान करें।
केले के वृक्ष की पूजा करें।
जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता करें।
आज का दिन ज्ञान, धैर्य, धार्मिक कार्यों और भविष्य की योजनाओं को मजबूत बनाने का संकेत देता है। सोच-समझकर लिए गए निर्णय लंबे समय तक लाभ पहुंचा सकते हैं।

