15 जून 2026 पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, भरणी नक्षत्र, चतुर्दशी तिथि और सोमवार के उपाय
15 जून 2026 का आज का पंचांग पढ़ें। जानें चतुर्दशी तिथि, भरणी नक्षत्र, शूल योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, भगवान शिव की पूजा विधि, सोमवार के उपाय और धार्मिक महत्व।

आज का पंचांग – 15 जून 2026 (सोमवार)
15 जून 2026 पंचांग
15 जून 2026, सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्रदेव को समर्पित है। सोमवार को शिव आराधना करने से मन को शांति, मानसिक बल और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह दिन आध्यात्मिक कार्यों, पूजा-पाठ, व्रत और नए संकल्प लेने के लिए शुभ माना जाता है।
पंचांग विवरण
दिन: सोमवार
मास: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: चतुर्दशी
विक्रम संवत: 2083
ऋतु: ग्रीष्म ऋतु
सूर्य राशि: वृषभ
चंद्र राशि: मेष
सूर्योदय: प्रातः 05:24 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:38 बजे
तिथि
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
चतुर्दशी तिथि भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है तथा जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
नक्षत्र
भरणी नक्षत्र
भरणी नक्षत्र को साहस, कर्मठता, दृढ़ संकल्प और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में सफलता के लिए परिश्रम आवश्यक होता है।
योग
शूल योग
शूल योग में महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए। धैर्य और विवेक के साथ कार्य करना लाभकारी रहेगा।
करण
विष्टि (भद्रा) करण
शकुनि करण
भद्रा काल में मांगलिक कार्यों से बचना शुभ माना जाता है।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
11:53 AM – 12:44 PM
विजय मुहूर्त
02:35 PM – 03:30 PM
अमृत काल
09:20 AM – 10:55 AM
अशुभ समय
राहुकाल
07:30 AM – 09:00 AM
यमगण्ड काल
10:30 AM – 12:00 PM
गुलिक काल
01:30 PM – 03:00 PM
इन समयों में नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
धार्मिक महत्व
सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है।
चतुर्दशी तिथि पर शिव आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप और शिव चालीसा का पाठ शुभ फलदायी माना जाता है।
मानसिक शांति और पारिवारिक सुख के लिए यह दिन विशेष लाभकारी है।
सोमवार के उपाय
शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें।
"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें।
सफेद वस्त्र या चावल का दान करें।
जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं।
क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
आज का दिन आत्मचिंतन, धैर्य और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश देता है। संयम और सकारात्मक सोच के साथ किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना रहेगी।

