14 जुलाई 2026 का पंचांग: मासिक शिवरात्रि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, योग, नक्षत्र और पूजा विधि
14 July 2026 Panchang: जानें 14 जुलाई 2026, मंगलवार का संपूर्ण पंचांग। देखें आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी (मासिक शिवरात्रि) की तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक काल, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, मासिक शिवरात्रि का धार्मिक महत्व, भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा विधि तथा दिन के शुभ उपाय।

14 जुलाई 2026 का पंचांग (मंगलवार)
पंचांग विवरण
दिन: मंगलवार
तिथि: आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास: आषाढ़
विक्रम संवत: 2083
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: मेष
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: प्रातः 05:37 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:41 बजे
तिथि
आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी (मासिक शिवरात्रि)
आषाढ़ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। यह तिथि भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और रात्रि जागरण करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
नक्षत्र
भरणी नक्षत्र (अधिकांश समय)
इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र का आरंभ होगा।
भरणी नक्षत्र साहस, धैर्य और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है, जबकि कृत्तिका नक्षत्र आत्मबल, नेतृत्व क्षमता और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।
योग
वृद्धि योग
वृद्धि योग को अत्यंत शुभ योग माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में उन्नति, आर्थिक लाभ और सफलता मिलने की संभावना रहती है। व्यापार, शिक्षा, निवेश और धार्मिक कार्यों के लिए यह योग अनुकूल माना जाता है।
करण
शकुनि करण
चतुष्पद करण
ये करण विशेष धार्मिक अनुष्ठानों, जप, तप और आध्यात्मिक साधना के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:02 PM से 12:53 PM तक
विजय मुहूर्त: 02:45 PM से 03:41 PM तक
अमृत काल: 09:15 AM से 10:50 AM तक
अशुभ समय
राहुकाल: 03:00 PM से 04:30 PM तक
यमगण्ड काल: 09:00 AM से 10:30 AM तक
गुलिक काल: 12:00 PM से 01:30 PM तक
धार्मिक महत्व
मंगलवार के दिन पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र से अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। "ॐ नमः शिवाय" और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही मंगलवार होने के कारण भगवान हनुमान की पूजा भी शुभ फलदायी मानी जाती है।
मंगलवार के उपाय
भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।
शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और सफेद पुष्प अर्पित करें।
महामृत्युंजय मंत्र और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
जरूरतमंदों को लाल मसूर, गुड़ या अन्न का दान करें।

