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12 जुलाई 2026 का पंचांग: रविवार शुभ मुहूर्त, राहुकाल, द्वादशी तिथि और आज का पंचांग

12 जुलाई 2026 का पंचांग: जानें रविवार का संपूर्ण पंचांग, आषाढ़ कृष्ण द्वादशी तिथि, रेवती और अश्विनी नक्षत्र, शूल योग, बालव व कौलव करण, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक काल, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, द्वादशी का धार्मिक महत्व और रविवार के शुभ उपाय।

12 जुलाई 2026 का पंचांग: रविवार शुभ मुहूर्त, राहुकाल, द्वादशी तिथि और आज का पंचांग
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12 जुलाई 2026 का पंचांग (रविवार)

पंचांग विवरण

दिन: रविवार

तिथि: आषाढ़ कृष्ण द्वादशी

पक्ष: कृष्ण पक्ष

मास: आषाढ़

विक्रम संवत: 2083

सूर्य राशि: मिथुन

चंद्र राशि: मेष

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: प्रातः 05:36 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:42 बजे

तिथि

आषाढ़ कृष्ण द्वादशी

द्वादशी तिथि भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। एकादशी व्रत का पारण इसी दिन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी अर्चना, दान-पुण्य और सत्संग करने से सुख, समृद्धि तथा पुण्य की प्राप्ति होती है।

नक्षत्र

रेवती नक्षत्र (प्रातः तक)

इसके बाद अश्विनी नक्षत्र का आरंभ होगा।

रेवती नक्षत्र यात्रा, शुभ कार्य, व्यापार और नई शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है। वहीं अश्विनी नक्षत्र ऊर्जा, तेज गति, स्वास्थ्य लाभ और नए कार्यों के शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है।

योग

शूल योग

शूल योग में महत्वपूर्ण निर्णय और बड़े निवेश सोच-समझकर करने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ, जप, ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए यह समय शुभ माना जाता है।

करण

बालव करण

कौलव करण

दोनों करण सामान्य शुभ कार्यों, शिक्षा, यात्रा, व्यापार और धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: 12:02 PM से 12:53 PM तक

विजय मुहूर्त: 02:45 PM से 03:41 PM तक

अमृत काल: 08:40 AM से 10:15 AM तक

अशुभ समय

राहुकाल: 04:30 PM से 06:00 PM तक

यमगण्ड काल: 12:00 PM से 01:30 PM तक

गुलिक काल: 03:00 PM से 04:30 PM तक

धार्मिक महत्व

रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा के साथ भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व है। द्वादशी तिथि पर एकादशी व्रत का पारण किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें, सूर्य देव को अर्घ्य दें और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या गुड़ का दान करें। ऐसा करने से सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होने की मान्यता है।

रविवार के उपाय

प्रातःकाल तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करें।

भगवान विष्णु को तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें।

"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" तथा "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का जाप करें।

गेहूं, गुड़, पीले फल या वस्त्र का दान करें।

जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं और बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।

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