1 जुलाई 2026 का पंचांग: जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और बुधवार के उपाय
1 जुलाई 2026 बुधवार का पंचांग पढ़ें। जानें आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा, मूल नक्षत्र, ब्रह्म योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और भगवान गणेश की पूजा से जुड़े विशेष उपाय।

1 जुलाई 2026 का पंचांग (बुधवार)
पंचांग विवरण
दिन: बुधवार
तिथि: आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास: आषाढ़
विक्रम संवत: 2083
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: धनु
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: प्रातः 05:30 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:42 बजे
तिथि
आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा
पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष का आरंभ प्रतिपदा तिथि से होता है। यह तिथि नए संकल्प, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक साधना के लिए शुभ मानी जाती है। धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए यह दिन अनुकूल माना गया है।
नक्षत्र
मूल नक्षत्र
मूल नक्षत्र आध्यात्मिकता, शोध, गहन चिंतन और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में धैर्य और विवेक की आवश्यकता होती है।
योग
ब्रह्म योग
ब्रह्म योग को ज्ञान, शिक्षा, धार्मिक कार्यों और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने की मान्यता है।
करण
बालव करण
कौलव करण
ये दोनों करण सामान्य शुभ कार्यों, यात्रा और दैनिक कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:00 PM से 12:51 PM तक
विजय मुहूर्त: 02:42 PM से 03:39 PM तक
अमृत काल: 08:40 AM से 10:15 AM तक
अशुभ समय
राहुकाल: 12:00 PM से 01:30 PM तक
यमगण्ड काल: 07:30 AM से 09:00 AM तक
गुलिक काल: 10:30 AM से 12:00 PM तक
धार्मिक महत्व
बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से बुद्धि, विवेक और सफलता की प्राप्ति होती है। व्यापार, शिक्षा और संचार से जुड़े कार्यों के लिए यह दिन विशेष शुभ माना जाता है।
बुधवार के उपाय
भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
"ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
हरी मूंग दाल का दान करें।
गाय को हरा चारा खिलाएं।
विद्यार्थियों को गणेश स्तोत्र का पाठ करना लाभकारी माना जाता है।

