विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2026: कब है व्रत? जानें शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय समय, पूजा विधि और धार्मिक महत्व
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026 Date: विभुवन संकष्टी चतुर्थी 5 जून 2026 को मनाई जाएगी। जानें व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, चंद्र दर्शन का महत्व, व्रत पारण नियम और भगवान गणेश की कृपा पाने के उपाय।

विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2026: कब है विभुवन संकष्टी चतुर्थी? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान श्री गणेश को समर्पित माना जाता है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर यह व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से जीवन के संकट दूर हो सकते हैं और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है।
ज्येष्ठ अधिक मास में आने वाली संकष्टी चतुर्थी को विभुवन संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। अधिक मास में पड़ने के कारण इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2026 कब है?
व्रत तिथि: 5 जून 2026, शुक्रवार
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 5 जून 2026 प्रातः
चतुर्थी तिथि समाप्त: 6 जून 2026 प्रातः
उदया तिथि के अनुसार 5 जून 2026 को विभुवन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा।
शुभ मुहूर्त
पूजा का शुभ समय
प्रातःकाल स्नान के बाद गणेश पूजा करना शुभ माना जाता है।
शाम के समय भी विशेष पूजा और व्रत कथा का पाठ किया जा सकता है।
चंद्रोदय के बाद
संकष्टी चतुर्थी व्रत में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है।
चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है।
विभुवन संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने, गणेश मंत्रों का जप करने तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से सभी प्रकार के कष्ट, बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। अधिक मास स्वयं भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है, इसलिए इस मास में किए गए व्रत, दान और पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक इस व्रत का पालन करते हैं, उनके जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और उन्हें सुख-शांति, यश, सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

