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वरदा विनायक चतुर्थी 2026: कब है? जानें तिथि, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Varda Vinayaka Chaturthi 2026: जानें वरदा विनायक चतुर्थी 2026 कब है, चतुर्थी तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, रवि योग और भगवान गणेश की पूजा का धार्मिक महत्व। पढ़ें व्रत और पूजा से मिलने वाले शुभ फल।

वरदा विनायक चतुर्थी 2026: कब है? जानें तिथि, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
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वरदा विनायक चतुर्थी 2026: कब है? जानें पूजा विधि, महत्व और शुभ फल

Varda Vinayaka Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि भगवान भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। अधिक मास में आने वाली विनायक चतुर्थी को विशेष महत्व दिया जाता है। इसे वरदा विनायक चतुर्थी कहा जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करने से सुख-समृद्धि, बुद्धि और सभी बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है।वहीं आपको बता दें कि अधिकमास की वरदा विनायक चतुर्थी इस वर्ष 19 मई 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 19 मई को पड़ रही है, इसलिए इसी दिन व्रत और पूजा का विशेष महत्व माना जाएगा। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं इस दिन रवि योग बन रहा है। जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। आइए जानते हैं तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त…

वरदा चतुर्थी 2026 तिथि (kab hai varda vinayaka chaturthi)

वैदिक पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ अधिक मास की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 19 मई 2026 को दोपहर 2 बजकर 18 मिनट पर होगी और इसका समापन 20 मई को सुबह 11 बजकर 06 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, यह व्रत 20 मई को रखा जाएगा।

वरदा चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त

वरदा चतुर्थी पर रवि योग बन रहा है। यह योग 05:28 ए एम से 06:11 ए एम तक रहेगा। इस बीच में आप पूजा- अर्चना कर सकते हैं।

वरदा चतुर्थी का धार्मिक महत्व

अधिकमास को सनातन धर्म में भगवान विष्णु और भक्ति-उपासना का विशेष महीना माना गया है। ऐसे में अधिकमास में आने वाली वरदा विनायक चतुर्थी का महत्व और भी बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से बुद्धि, धन, सफलता और संतान सुख की प्राप्ति होती है।

वहीं आपको बता दें कि “वरदा” का अर्थ होता है वरदान देने वाले, इसलिए इस चतुर्थी पर गणपति भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दिन व्रत रखने और गणेश मंत्रों का जाप करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है तथा घर में सुख-शांति बनी रहती है। खासतौर पर नए कार्यों की शुरुआत, करियर, व्यापार और विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है।

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