Shardiya Navratri 2026 Bhajan: ‘लेके पूजा की थाली, ज्योत मन की जगा ली’ भजन का भाव और महत्व, पढ़ें लिरिक्स
Shardiya Navratri 2026 Bhajan: शारदीय नवरात्रि में सुनें ‘लेके पूजा की थाली, ज्योत मन की जगा ली’ और ‘चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है’ भजन। जानें इन भजनों का भाव, धार्मिक महत्व और हिंदी लिरिक्स।

Shardiya Navratri 2026 Bhajan: लेके पूजा की थाली, ज्योत मन की जगा ली भजन का भाव और महत्व
Shardiya Navratri Bhajan: शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना और भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान भक्तजन घरों और मंदिरों में माता रानी की पूजा करते हैं, अखंड ज्योति जलाते हैं और भजन-कीर्तन के जरिए मां का गुणगान करते हैं। नवरात्रि के अवसर पर गाए जाने वाले लोकप्रिय भजनों में ‘लेके पूजा की थाली, ज्योत मन की जगा ली’ भी शामिल है।
इस भजन में भक्त मां के सामने अपनी श्रद्धा व्यक्त करता है और उनसे जीवन में सुख, सहारा तथा कृपा बनाए रखने की प्रार्थना करता है। इसके शब्द पूजा की थाली सजाने से लेकर मन में भक्ति की ज्योत जलाने और माता के चरणों में खुद को समर्पित करने की भावना को दर्शाते हैं।
लेके पूजा की थाली, ज्योत मन की जगा ली लिरिक्स (Le Ke Puja Ki Thali Jyot Man Ki Jga Li Lyrics)
लेके पूजा की थाली
ज्योत मन की जगा ली
तेरी आरती उतारूं
भोली मां
तू जो दे दे सहारा
सुख जीवन का सारा
तेरे चरणों पे वारूं
भोली मां
ओ मां.. ओ मां..
लेके पूजा की थाली
ज्योत मन की जगा ली
तेरी आरती उतारूं
भोली मां
तू जो दे दे सहारा
सुख जीवन का सारा
तेरे चरणों पे वारूं
भोली मां
ओ मां.. ओ मां..
धूल तेरे चरणों की ले कर
माथे तिलक लगाया
हो.. धूल तेरे चरणों की ले कर
माथे तिलक लगाया
यही कामना लेकर मैया
द्वारे तेरे मैं आया
रहूं मैं तेरा हो के
तेरी सेवा में खो के
सारा जीवन गुजारूं
भोली माँ
तू जो दे दे सहारा
सुख जीवन का सारा
तेरे चरणों पे वारूं
भोली मां
ओ मां.. ओ मां..
तू जो दे दे सहारा
सुख जीवन का सारा
तेरे चरणों पे वारूं
भोली मां
ओ मां… ओ मां…
लेके पूजा की थाली
ज्योत मन की जगा ली
तेरी आरती उतारूं
भोली माँ
तू जो दे दे सहारा
सुख जीवन का सारा
तेरे चरणों पे वारूं
भोली मां
ओ मां.. ओ मां
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है लिरिक्स (Chali Bulawa Aaya Hai Mata Ne Bulaya Hai Lyrics)
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने दरबार लगाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
सारे जग मे एक ठिकाना, सारे गम के मारो का,
रास्ता देख रही है माता, अपने आंख के तारों का।
मस्त हवाओं का एक झोखा यह संदेशा लाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
जय माता दी॥ जय माता दी॥
जय माता की कहते जाओ, आने जाने वालो को,
चलते जाओ तुम मत देखो अपने पीछे वालों को।
जिस ने जितना दर्द सहा है, उतना चैन भी पाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
जय माता दी॥ जय माता दी॥
वैष्णो देवी के मन्दिर मे, लोग मुरादे पाते हैं,
रोते रोते आते है, हस्ते हस्ते जाते हैं।
मैं भी मांग के देखूं, जिस ने जो माँगा वो पाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
जय माता दी॥ जय माता दी॥
मैं तो भी एक माँ हूँ माता, माँ ही माँ को पहचाने।
बेटे का दुःख क्या होता है, और कोई यह क्या जाने।
उस का खून मे देखूं कैसे, जिसको दूध पिलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।

