सावन 2026: धन, करियर और कारोबार में तरक्की के लिए कौन-सा रुद्राक्ष पहनें? जानें सही रुद्राक्ष और धारण करने के नियम
सावन 2026 में कौन-सा रुद्राक्ष धारण करना शुभ है? जानें पंचमुखी, सातमुखी, ग्यारहमुखी और तेरहमुखी रुद्राक्ष के लाभ, धारण करने की विधि, नियम और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के उपाय।

सावन 2026: धन, करियर और कारोबार में तरक्की के लिए धारण करें ये रुद्राक्ष, शिव कृपा के साथ मिल सकती है सफलता
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूरे माह में शिव पूजा, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और रुद्राक्ष धारण करने का विशेष महत्व है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सावन में विधि-विधान से रुद्राक्ष धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और धन, करियर तथा व्यापार से जुड़े कार्यों में शुभ परिणाम मिलने की मान्यता है।
पंचमुखी रुद्राक्ष
पंचमुखी रुद्राक्ष को सबसे अधिक प्रचलित और शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसे धारण करने से मानसिक शांति मिलती है, निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और नौकरी या व्यवसाय में स्थिरता आने लगती है। यह भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का भी श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है।
सातमुखी रुद्राक्ष
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सातमुखी रुद्राक्ष का संबंध माता लक्ष्मी और शनि ग्रह से माना जाता है। इसे धारण करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने, धन संचय में वृद्धि और व्यापार में लाभ मिलने की मान्यता है। जिन लोगों को बार-बार आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, उनके लिए इसे शुभ माना जाता है।
ग्यारहमुखी रुद्राक्ष
ग्यारहमुखी रुद्राक्ष को भगवान हनुमान और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त रुद्राक्ष माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसे धारण करने से साहस, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिलने और व्यवसाय में विस्तार के योग भी बन सकते हैं।
तेरहमुखी रुद्राक्ष
तेरहमुखी रुद्राक्ष को आकर्षण, सफलता और वैभव का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि यह व्यापारियों, उद्यमियों और उच्च पद की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए शुभ फलदायी हो सकता है। इससे नए अवसर प्राप्त होने और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होने की संभावना बताई जाती है।
रुद्राक्ष धारण करते समय रखें इन बातों का ध्यान
रुद्राक्ष को सावन के सोमवार या किसी शुभ मुहूर्त में धारण करना शुभ माना जाता है।
धारण करने से पहले गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करें।
भगवान शिव का पूजन कर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
रुद्राक्ष को हमेशा श्रद्धा और पवित्रता के साथ धारण करें।
किसी योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह के बाद ही विशेष मुखी रुद्राक्ष धारण करना बेहतर माना जाता है।

