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Raksha Bandhan 2026: क्या लड्डू गोपाल को भी बांध सकते हैं राखी? जानें सही विधि, शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम

Raksha Bandhan 2026: क्या रक्षाबंधन पर लड्डू गोपाल को राखी बांधना शुभ है? जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, सही पूजा विधि, रक्षा सूत्र मंत्र और जरूरी नियम।

Raksha Bandhan 2026: क्या लड्डू गोपाल को भी बांध सकते हैं राखी? जानें सही विधि, शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम
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Raksha Bandhan 2026: क्या लड्डू गोपाल को भी बांध सकते हैं राखी? जानें सही विधि, शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के प्रेम का त्योहार नहीं है, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण और भक्त के बीच प्रेम और समर्पण से भी जुड़ा पर्व माना जाता है। कई घरों में लोग रक्षाबंधन के दिन लड्डू गोपाल या श्रीकृष्ण की मूर्ति को राखी बांधते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान को रक्षा सूत्र अर्पित करना उनके प्रति प्रेम और भक्ति का प्रतीक है।

इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। दिल्ली के लिए राखी बांधने का सुबह का मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी।

रक्षाबंधन पर राखी बांधने का समय

द्रिक पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त को राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा आप राहुकाल को छोड़कर किसी भी समय राखी बांध सकते हैं।

भविष्य पुराण में मिलता है रक्षा सूत्र का उल्लेख

(उत्तर पर्व) के अध्याय 137 में मिलता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण और युधिष्ठिर का संवाद है तथा श्रावण पूर्णिमा पर रक्षा बांधने का विधान और इंद्र-शची से जुड़ा प्रसंग बताया गया है

रक्षाबंधन से जुड़ी प्रमुख पौराणिक कथाओं में भविष्य पुराण के उत्तर पर्व के अध्याय 137 में मिलती है, जो भगवान कृष्ण और युधिष्ठिर के बीच हुए संवाद का है। इसमें उन्होंने श्रावण पूर्णिमा पर रक्षा सूत्र बांधने के साथ इंद्र-शची से जुड़ा प्रसंग सुनाया था। इस पौराणिक कथा के अनुसार, देवासुर संग्राम के समय इंद्राणी शची ने इंद्र की रक्षा के लिए रक्षा सूत्र तैयार किया था। बाद में देवगुरु बृहस्पति ने इंद्र की कलाई पर वह रक्षा सूत्र बांधा।

रक्षासूत्र बांधते समय इस मंत्र का उल्लेख मिलता है,

येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः।

तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥

अर्थ- जिस रक्षा सूत्र से शक्तिशाली दानवराज बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा सूत्र से तुम्हें बांधा जाता है। हे रक्षासूत्र, तुम अपने संकल्प से विचलित न होना।

रक्षाबंधन पर लड्डू गोपाल को राखी बांधने की विधि

रक्षाबंधन के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करने के बाद साफ वस्त्र धारण कर लें। इसके बाद पूजा की थाली तैयार करें, जिसमें राखी, रोली, अक्षत, पीला चंदन, नारियल, घी का दीपक और मिठाई रख लें।

अब लड्डू गोपाल को विधिवत दूध, दही, गंगाजल,शहद आदि से स्नान कराएं। इसके बाद उन्हें वस्त्र, आभूषण, बांसुरी अर्पित करने के साथ मोर का मुकुट लगाएं। फिर उन्हें आसन में विराजमान करें। इसके बाद चंदन से तिलक लगाने के साथ अक्षत लगाएं। इसके साथ फूल, माला, चढ़ाएं और उन्हें राखी बांध दें।

राखी बांधने के बाद लड्डू गोपाल को मिठाई का भोग लगाएं जिसमें तुलसी दल अवश्य रखें। इसके बाद घी की दीपक जलाकर उनकी आरती कर लें और अंत में उनसे अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करें।

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