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निर्जला एकादशी 2026 कब है? जानें व्रत तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पारण समय और महत्व

Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी 13 जून 2026 को मनाई जाएगी। जानें व्रत की तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, पारण समय, धार्मिक महत्व, कथा और भगवान विष्णु की पूजा विधि।

निर्जला एकादशी 2026 कब है? जानें व्रत तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पारण समय और महत्व
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निर्जला एकादशी 2026: कब है निर्जला एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पारण समय

Nirjala Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान श्री विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए व्रत रखने से वर्षभर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त हो सकता है।

निर्जला एकादशी 2026 कब है?

निर्जला एकादशी व्रत: 13 जून 2026, शनिवार

एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 जून 2026

एकादशी तिथि समाप्त: 13 जून 2026

उदया तिथि के अनुसार 13 जून 2026 को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

निर्जला एकादशी का शुभ मुहूर्त

निर्जला एकादशी के दिन श्रीहरि की पूजा का समय सुबह 10.39 से दोपहर 2.09 मिनट तक रहेगा। वहीं निर्जला एकादशी का व्रत पारण 26 जून 2026 को सुबह 5.25 से सुबह 8.13 तक किया जाएगा।

निर्जला एकादशी का धार्मिक महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार निर्जला एकादशी व्रत का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। कहा जाता है कि महर्षि वेदव्यास के कहने पर भीम ने सालभर की सभी एकादशियों का व्रत रखने में असमर्थता जताई थी। तब उन्हें केवल निर्जला एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी गई। इस व्रत के प्रभाव से उन्हें सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त हुआ।

मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से पापों का नाश होता है, सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। निर्जला एकादशी पर जल, छाता, वस्त्र, पंखा और अन्न का दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है।

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