कालाष्टमी व्रत 2026: कब है कालाष्टमी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और महत्व
Kalashtami Vrat 2026: कालाष्टमी व्रत 16 जून 2026 को रखा जाएगा। जानें अष्टमी तिथि, काल भैरव पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, भैरव मंत्र, व्रत नियम और कालाष्टमी का धार्मिक महत्व।

कालाष्टमी व्रत 2026: कब है कालाष्टमी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और महत्व
Kalashtami Vrat 2026: हिंदू धर्म में कालाष्टमी व्रत भगवान काल भैरव की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से काल भैरव की पूजा करने से भय, बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
कालाष्टमी 2026 कब है?
कालाष्टमी
कालाष्टमी व्रत: 16 जून 2026, मंगलवार
अष्टमी तिथि प्रारंभ: 15 जून 2026
अष्टमी तिथि समाप्त: 16 जून 2026
उदया तिथि के अनुसार 16 जून 2026 को कालाष्टमी व्रत रखा जाएगा।
कालाष्टमी व्रत का शुभ मुहूर्त 2026 (Kalashtami 2026 Shubh Muhurat)
कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा प्रदोष काल में करना सबसे अच्छा माना जाता है। ऐसे में 8 जून को प्रदोष काल शाम 6 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर शाम को 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
कालाष्टमी 2026 धार्मिक महत्व (Kalashtami 2026 Significance)
हिंदू धर्म में भगवान काल भैरव की उपासना के लिए कालाष्टमी का दिन सबसे अच्छा माना जाता है। हर मास के कृष्ण पक्ष में होने के कारण इसे भैरव अष्टमी भी कहा जाता है। लेकिन अधिक मास में पड़ने वाली कालाष्टमी का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत रखने के साथ विधिवत पूजा करने से काल भैरव प्रसन्न हो सकते हैं। इस दिन पूजा-अर्चना करने से रोग, दोष, भय से मुक्ति मिलने के साथ नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो सकती है। शास्त्रों में काल भैरव को समय, न्याय और सुरक्षा का देवता माना जाता है। ऐसे में इनकी पूजा करने से जीवन में साहस, अनुशासन से लेकर आत्मविश्वास में भी तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही इस दिन दान करने से कई गुना अधिक शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
काल भैरव मंत्र
ॐ कालभैरवाय नमः॥
भैरव गायत्री मंत्र
ॐ कालकालाय विद्महे
कालतीर्थाय धीमहि
तन्नो भैरवः प्रचोदयात्॥

