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Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश चतुर्थी पर जरूर पढ़ें गणेश जी की आरती, जानें आरती का महत्व और पूजा विधि

Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा के बाद जरूर करें आरती। यहां पढ़ें गणेश जी की प्रसिद्ध आरती, आरती करने का सही समय, पूजा विधि और धार्मिक महत्व।

Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश चतुर्थी पर जरूर पढ़ें गणेश जी की आरती, जानें आरती का महत्व और पूजा विधि
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Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश चतुर्थी पर जरूर पढ़ें गणेश जी की आरती, जानें आरती का महत्व और पूजा विधि

Ganesh Ji Ki Aarti: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी की पूजा से करने की परंपरा है। गणेश चतुर्थी के दिन भक्त घर और मंदिरों में गणपति बप्पा की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा करते हैं। पूजा के अंत में भगवान गणेश की आरती की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार आरती के बाद पूजा पूर्ण मानी जाती है।

गणेश जी की आरती के दौरान भक्त दीपक और कपूर जलाकर बप्पा का ध्यान करते हैं और उनसे सुख-शांति, समृद्धि तथा जीवन के विघ्न दूर करने की प्रार्थना करते हैं।

गणेश जी की प्रसिद्ध आरती

गणेश जी की पूजा के बाद श्रद्धालु “जय गणेश देवा” आरती का पाठ करते हैं। यह गणपति की सबसे प्रचलित आरतियों में से एक है।

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा,

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एकदंत दयावंत, चार भुजा धारी।

माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥

पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।

लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।

बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥

सूर श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

गणेश जी की आरती कब करनी चाहिए?

भगवान गणेश की आरती पूजा के अंत में की जाती है। सुबह पूजा के समय और शाम को संध्या पूजा के दौरान भी आरती की जा सकती है। गणेश उत्सव के दौरान घरों और पंडालों में प्रतिदिन गणपति की पूजा के बाद आरती करने की परंपरा है।

आरती करते समय परिवार के सभी सदस्य एक साथ शामिल होकर गणपति बप्पा का स्मरण कर सकते हैं। आरती के बाद भगवान को भोग लगाकर प्रसाद सभी में बांटा जाता है।

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