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आषाढ़ अमावस्या 2026: कब है, जानें तिथि, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Ashadh Amavasya 2026: जानें आषाढ़ अमावस्या 2026 कब है, तिथि का प्रारंभ और समापन समय, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, पितृ तर्पण का महत्व, पूजा विधि, धार्मिक मान्यताएं, दान का महत्व और इस दिन किए जाने वाले शुभ उपाय।

आषाढ़ अमावस्या 2026: कब है, जानें तिथि, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व
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आषाढ़ अमावस्या 2026: कब है, जानें तिथि, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में आषाढ़ अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह तिथि पितरों के तर्पण, स्नान, दान, जप-तप और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पितरों का स्मरण करने और दान-पुण्य करने से पितृ दोष शांत होता है तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

आषाढ़ अमावस्या तिथि (Ashadh Amavasya Kab Hai)

द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ अमावस्या की तिथि 13 जुलाई को शाम 6 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का 14 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर होगा।

आषाढ़ अमावस्या शुभ मुहूर्त (Ashadh Amavasya 2026 Shubh Muhurat)

इस दिन स्नान व दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा और सुबह 5 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इस बीच में आप दान- स्नान और तर्पण कर सकते हैं।

आषाढ़ अमावस्या का महत्व

सनातन परंपरा में आषाढ़ अमावस्या को दान करने और पितृ तृप्ति का विशेष अवसर माना गया है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य देना, पितरों का तर्पण करना और अन्न, वस्त्र, तिल, जल तथा धन का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे पितृ दोष शांत होता है, परिवार में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है। साथ ही भगवान शिव, विष्णु और पीपल के वृक्ष की पूजा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति, मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मकता आती है। इसलिए आषाढ़ अमावस्या को श्रद्धा, सेवा और दान का पर्व भी कहा जाता है।

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