श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र 2026: अर्थ, पूरा पाठ और पूजा विधि
Vishnu Sahasranama Stotram in Hindi 2026: जानें श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का अर्थ, प्रारंभिक मंत्र, पाठ करने की सही विधि और एकादशी पर इसका धार्मिक महत्व। पढ़ें भगवान विष्णु के 1000 नामों के जप से मिलने वाले लाभ और आध्यात्मिक महत्व।

श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र 2026: अर्थ, पूरा पाठ और पूजा विधि
Vishnu Sahasranama Stotram in Hindi — श्री विष्णु सहस्रनाम, भगवान विष्णु के हज़ार नामों से बना अत्यंत पवित्र स्तोत्र है। इसे हिंदू धर्म में श्रेष्ठ और प्रभावशाली माना जाता है, खासकर एकादशी, पूर्णिमा और गुरुवार के दिन इसका पाठ करने से विशेष पुण्यफल की मान्यता है।
शास्त्रों में वर्णित है कि यह स्तोत्र महाभारत के शांति पर्व में भी भीष्मपितामह ने युधिष्ठिर को सुनाया था। इसका नियमित पाठ करने से जीवन में शान्ति, धन-समृद्धि, सफलता और मानसिक संतुलन प्राप्त होता है।
क्या है श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र?
श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र में भगवान विष्णु के एक हजार नामों का वर्णन किया गया है। यह स्तोत्र महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठिर को बताया गया था। इसमें भगवान विष्णु के विभिन्न स्वरूपों, गुणों और शक्तियों का वर्णन मिलता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
एकादशी पर विष्णु सहस्रनाम पाठ का महत्व
एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित तिथि मानी जाती है। इस दिन व्रत, पूजा और स्तोत्र पाठ का विशेष महत्व होता है।
एकादशी पर सहस्रनाम का पाठ करने से पापों का नाश होता है।
जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
धन, वैभव और सुख में वृद्धि होती है।
मन और बुद्धि शांत रहती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु का स्मरण करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र पाठ के लाभ
मानसिक तनाव और भय में कमी आती है
घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है
कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है
आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है
परिवार में सुख और शांति बनी रहती है
विष्णु सहस्रनाम पाठ करने की विधि
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
भगवान विष्णु या श्रीहरि की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाएं।
पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें।
शांत मन से विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करें।
अंत में भगवान से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र
॥ ॐ शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।
प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥
(इसके बाद विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ किया जाता है।)
श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। विशेष रूप से एकादशी के दिन इसका पाठ करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

