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वासुदेव चतुर्थी 2026: 22 मार्च को है व्रत, जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Vasudev Chaturthi 2026 Date and Puja Muhurat: हिंदू धर्म में वासुदेव चतुर्थी का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण के वासुदेव स्वरूप और भगवान विष्णु को समर्पित होता है। पंचांग के अनुसार साल 2026 में वासुदेव चतुर्थी 22 मार्च, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त उपवास रखकर भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और गणेश जी की पूजा करते हैं और जीवन की बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सुख-समृद्धि, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। जानें वासुदेव चतुर्थी 2026 की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और इस व्रत का धार्मिक महत्व।

वासुदेव चतुर्थी 2026: 22 मार्च को है व्रत, जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
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वासुदेव चतुर्थी 2026: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Vasudeva Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में वासुदेव चतुर्थी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण के वासुदेव स्वरूप को समर्पित होता है। इस दिन भक्त उपवास रखकर भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आपको बता दें हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को यह त्योहार मनाया जाता है। इसको चैत्र विनायक चतुर्थी या मनोरथ चतुर्थी भी कहते हैं। मान्यता है इस दिन जो व्यक्ति व्रत रखकर भगवान गणेश की पूजा- अर्चना करता है, उसके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। साथ ही सुख- समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस साल रविवार 22 मार्च को वासुदेव चतुर्थी है। वहीं इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। आइए जानते हैं तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

विनायक चतुर्थी तिथि 2026 (Kab Hai Vasudev Chaturthi 2026)

फ्यूचर पंचांग के मुताबिक 21 मार्च को देर रात 11 बजकर 57 मिनट पर चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का आरंभ होगी। वहीं 22 मार्च को रात 09 बजकर 17 मिनट पर चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का अंत होगा। ऐसे में सूर्योदय तिथि के अनुसार 22 मार्च को वासुदेव काल माना गया है।

वासुदेव चतुर्थी 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार वासुदेव चतुर्थी 22 मार्च 2026, रविवार को मनाई जाएगी।

शुभ मुहूर्त (मध्याह्न पूजा समय)

पूजा मुहूर्त: सुबह 11:15 बजे से दोपहर 1:41 बजे तक

यह समय भगवान की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

कुछ पंचांगों के अनुसार इस दिन मध्याह्न गणेश/विष्णु पूजा का समय लगभग 1 घंटे से अधिक का शुभ काल माना गया है।

वासुदेव चतुर्थी का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत को रखने से:भगवान श्रीकृष्ण और विष्णु की कृपा प्राप्त होती है

जीवन की बाधाएं और परेशानियां दूर हो सकती हैं, मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, परिवार में सुख-समृद्धि आती है। यह व्रत खासतौर पर कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है और भक्त भगवान का नाम जप, मंत्र और भजन करते हैं।

वासुदेव चतुर्थी महत्व

शास्त्रों के अनुसार इस दिन उपवास रखने और गणेश जी की पूजा करने से बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही ज्ञान और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह चतुर्थी मानसिक शुद्धि और मोक्ष के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं इस दिन दान करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही कष्टों से छुटकारा मिलने की मान्यता है।

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