Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि से पहले घर के मंदिर से हटा दें ये चीजें, मां दुर्गा की पूजा में रखें ध्यान
Shardiya Navratri 2026: 11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि शुरू होगी। जानें नवरात्रि से पहले घर के मंदिर से किन चीजों को हटाना चाहिए और पूजा स्थल की सफाई कैसे करें।

Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि से पहले घर के मंदिर से हटा दें ये चीजें, मां दुर्गा की पूजा में रखें ध्यान
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी। आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9:30 बजे तक रहेगी।
नवरात्रि शुरू होने से पहले घर की साफ-सफाई के साथ पूजा घर और मंदिर की सफाई करना भी जरूरी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा स्थल को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है। ऐसे में नवरात्रि से पहले घर के मंदिर में रखी कुछ पुरानी, टूटी या अनुपयोगी चीजों को हटा देना चाहिए।
1. खंडित मूर्ति या तस्वीर मंदिर में न रखें
नवरात्रि की सफाई करते समय सबसे पहले घर के मंदिर में रखी देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों को जरूर देखें। अगर कोई मूर्ति खंडित या टूटी हुई है या तस्वीर बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है, तो उसे पूजा स्थल पर नहीं रखना चाहिए।
धार्मिक परंपराओं में खंडित मूर्ति को पूजा घर में रखने को उचित नहीं माना जाता। ऐसी मूर्ति को सम्मानपूर्वक अलग करके परिवार की परंपरा और धार्मिक विधि के अनुसार विसर्जित या उचित स्थान पर रखने की व्यवस्था की जा सकती है।
2. पुराने और सूखे फूल-माला हटा दें
पूजा के बाद देवी-देवताओं को चढ़ाए गए फूल और मालाएं कुछ समय बाद सूख जाती हैं। इन्हें लंबे समय तक मंदिर में जमा करके नहीं रखना चाहिए।
नवरात्रि से पहले मंदिर की सफाई करते समय सूखे फूल और पुरानी मालाएं हटा दें और उनकी जगह ताजे फूलों से पूजा स्थल को सजाएं।
3. पुरानी और खराब पूजा सामग्री निकाल दें
कई बार पूजा घर में लंबे समय तक ऐसी चीजें पड़ी रहती हैं जिनका इस्तेमाल नहीं होता। पुराने कलावे, जली हुई अगरबत्ती, खराब पूजा सामग्री या ऐसी वस्तुएं जिनकी अब जरूरत नहीं है, उन्हें मंदिर से हटा देना चाहिए।
इससे पूजा स्थल साफ और व्यवस्थित रहेगा और नवरात्रि की पूजा के लिए जरूरी सामग्री रखने की जगह भी बन जाएगी।
4. पुरानी या खराब चुनरी और वस्त्र बदलें
नवरात्रि में मां दुर्गा को नई चुनरी, वस्त्र और श्रृंगार सामग्री अर्पित करने की परंपरा है। ऐसे में अगर मंदिर में देवी-देवताओं की बहुत पुरानी, मैले या खराब हो चुके वस्त्र और चुनरी रखी हैं, तो उन्हें बदल देना चाहिए।
अगर चुनरी या वस्त्र साफ और अच्छी स्थिति में हैं, तो उन्हें धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।
5. टूटे हुए दीपक मंदिर से हटा दें
पूजा घर में रखे टूटे या चटके हुए दीपक भी नवरात्रि से पहले अलग कर दें। खासतौर पर अगर मिट्टी के दीपक टूट चुके हैं या उनमें दरार आ गई है, तो उनकी जगह साफ और सही स्थिति वाले दीपक इस्तेमाल करें।
नवरात्रि में रोजाना दीपक जलाने की परंपरा है, इसलिए पूजा स्थल की सफाई के दौरान दीपक और पूजा के दूसरे सामान को भी जांच लेना अच्छा माना जाता है।
6. टूटी पूजा थाली, कलश और घंटी जैसी चीजें हटाएं
अगर घर के मंदिर में पूजा की थाली, कलश, घंटी या कोई अन्य पूजा सामग्री टूट गई है, तो उसे अलग कर दें। धार्मिक पुस्तक फट गई हो तो उसे भी सम्मानपूर्वक अलग रखने या मरम्मत कराने की व्यवस्था की जा सकती है।
नवरात्रि शुरू होने से पहले पूजा स्थल में केवल उपयोगी और सही स्थिति वाली सामग्री रखने से मंदिर व्यवस्थित रहेगा।
7. मंदिर की चौकी और पूजा का सामान अच्छी तरह साफ करें
सिर्फ सामान हटाना ही काफी नहीं है। नवरात्रि से पहले मंदिर की चौकी, देवी-देवताओं की मूर्तियां, पूजा की थाली और अन्य सामान भी अच्छी तरह साफ कर लें।
इसके बाद पूजा स्थल को व्यवस्थित तरीके से सजाएं। नवरात्रि में रोजाना पूजा के लिए जरूरी सामग्री पहले से तैयार रखना भी सुविधाजनक रहेगा।
नवरात्रि से पहले घर के मंदिर की सफाई क्यों जरूरी मानी जाती है?
धार्मिक मान्यताओं में पूजा स्थल की स्वच्छता को विशेष महत्व दिया गया है। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, इसलिए भक्त नवरात्रि शुरू होने से पहले मंदिर और घर की साफ-सफाई करते हैं।
साफ-सुथरा पूजा स्थल धार्मिक रूप से पवित्र वातावरण बनाने और पूजा में एकाग्रता बनाए रखने में मददगार माना जाता है। इसे धार्मिक परंपरा के रूप में देखा जाना चाहिए, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

