Sandhi Puja 2026 Date and Time: संधि पूजा कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
Sandhi Puja 2026 Date and Time: जानें शारदीय नवरात्रि में संधि पूजा कब की जाएगी, 19 अक्टूबर का सही मुहूर्त क्या है और महाष्टमी-महानवमी के संधिकाल में मां चामुंडा की पूजा का धार्मिक महत्व क्या है। पढ़ें शुभ मुहूर्त और पूजा से जुड़ी मान्यताएं।

Sandhi Puja 2026: संधि पूजा कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
Sandhi Puja 2026 Date and Time: शारदीय नवरात्रि में महाष्टमी और महानवमी के बीच पड़ने वाले संधिकाल में संधि पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह समय मां दुर्गा के चामुंडा स्वरूप की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस पूजा में देवी की शक्ति का स्मरण किया जाता है और परिवार की सुख-समृद्धि तथा कल्याण की कामना की जाती है।
साल 2026 में अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन पड़ने के कारण संधि पूजा की तारीख को लेकर लोगों के मन में सवाल है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष संधि पूजा 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को की जाएगी। आइए जानते हैं संधि पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इसका धार्मिक महत्व।
कब है शारदीय नवरात्रि संधि पूजा 2026? (Shardiya Navratri Sandhi Puja 2026 Date )
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल संधि पूजा 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को की जाएगी। संधि पूजा की कुल अवधि 48 मिनट की होती हैं, तो महाष्टमी के अंतिम 24 मिनट और महानवमी के शुरुआत 24 मिनट से मिलकर बनी होती है।
इस साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 27 मिनट से आरंभ हो रही है, जो 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर समाप्त हो सकती है। इसके बाद नवमी तिथि आरंभ हो जाएगी।
संधि पूजा 2026 का विशेष मुहूर्त (Shardiya Navratri Sandhi Puja 2026 Muhurat)
द्रिक पंचांग के अनुसार, संधि पूजा कुल 48 मिनट की होगी, जो 19 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10:27 बजे से लेकर प्रातः 11:15 बजे तक है।
ध्यान रखें- पंचांग के अनुसार, पूजा का समय स्थान के आधार पर थोड़ा अलग हो सकता है। इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग से मुहूर्त अवश्य देखें।
19 अक्टूबर 2026 के अन्य शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:43 बजे से 12:29 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:00 बजे से 02:45 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायंकाल 05:48 बजे से 06:13 बजे तक।
19 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया मुहूर्त
दिन के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
अमृत चौघड़िया: प्रातः 06:24 बजे से 07:50 बजे तक।
शुभ चौघड़िया: प्रातः 09:15 बजे से 10:40 बजे तक।
लाभ चौघड़िया: दोपहर 02:57 बजे से 04:22 बजे तक।
अमृत चौघड़िया (द्वितीय): सायंकाल 04:22 बजे से 05:48 बजे तक।
चर चौघड़िया: सायंकाल 05:48 बजे से रात्रि 07:22 बजे तक।
संधि पूजा का धार्मिक महत्व (Shardiya Navratri Sandhi Puja 2026 Singificance)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संधि पूजा महाष्टमी और महानवमी के मिलन काल में की जाती है। इस समय देवी मां दुर्गा की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी संधिकाल में मां दुर्गा से चंड और मुंड नामक राक्षस का वध करने के लिए चामुंडा स्वरूप धारण किया था। इसी के कारण इस समय में मां चामुंडा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और 108 दीपक प्रज्जलित किए जाते हैं। इस अवधि में मां की पूजा करने से साहस, शक्ति और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

