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सांवेर का उल्टे हनुमान मंदिर: जानें इतिहास, धार्मिक महत्व और क्यों विराजमान हैं भगवान हनुमान उल्टे स्वरूप में

मध्य प्रदेश के सांवेर स्थित उल्टे हनुमान मंदिर का इतिहास, पौराणिक कथा, धार्मिक महत्व, भगवान हनुमान की उल्टी प्रतिमा का रहस्य, भक्तों की मान्यताएं और मंदिर तक कैसे पहुंचें, जानें पूरी जानकारी।

सांवेर का उल्टे हनुमान मंदिर: जानें इतिहास, धार्मिक महत्व और क्यों विराजमान हैं भगवान हनुमान उल्टे स्वरूप में
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सांवेर का उल्टे हनुमान मंदिर: जानें इतिहास, धार्मिक महत्व और क्यों विराजमान हैं भगवान हनुमान उल्टे स्वरूप में

मध्य प्रदेश के सांवेर में स्थित उल्टे हनुमान मंदिर भगवान हनुमान के सबसे अनोखे मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां हनुमान जी की प्रतिमा सिर नीचे और चरण ऊपर की मुद्रा में विराजमान है। यही अनोखा स्वरूप इस मंदिर को देशभर के श्रद्धालुओं के बीच विशेष पहचान दिलाता है।

क्यों उल्टी अवस्था में विराजमान हैं हनुमान जी?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, रामायण काल में जब अहिरावण भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को पाताल लोक ले गया था, तब हनुमान जी उन्हें बचाने के लिए पाताल पहुंचे। पाताल में प्रवेश करते समय उन्होंने सिर के बल प्रवेश किया था और अहिरावण का वध कर प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण को सुरक्षित वापस लाए थे। सांवेर के इस मंदिर में स्थापित प्रतिमा उसी ‘पाताल विजय’ की स्मृति मानी जाती है। इसी कारण यहां हनुमान जी की प्रतिमा उल्टी मुद्रा में स्थापित है।

800 साल से भी अधिक पुराना माना जाता है मंदिर

मान्यता है कि यह मंदिर बेहद प्राचीन है और इसका इतिहास लगभग 13वीं शताब्दी का बताया जाता है। वहीं आपको बता दें कि मंदिर परिसर में कई संतों की समाधियां भी मौजूद हैं। साथ ही यहां काफी पुराने पीपल, बरगद, नीम और तुलसी जैसे पवित्र वृक्ष हैं। यही वजह है कि यह स्थान केवल दर्शन का केंद्र नहीं, बल्कि साधना और श्रद्धा का भी महत्वपूर्ण धाम माना जाता है।

भक्तों की क्या है मान्यता?

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि उलटे हनुमान जी के दर्शन करने से भय, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर मंदिर में प्रसाद चढ़ाते हैं।

कैसे पहुंचे उलटे हनुमान मंदिर?

यह मंदिर इंदौर से लगभग 35 किलोमीटर दूर सांवेर कस्बे में है। सड़क मार्ग से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। सबसे पास रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट इंदौर में हैं, जहां से टैक्सी और बस मिल जाती हैं।

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