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द्वारकाधीश मंदिर: इतिहास, धार्मिक महत्व, दर्शन, यात्रा और कैसे पहुंचें भगवान श्रीकृष्ण के धाम

गुजरात के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर का इतिहास, धार्मिक महत्व, पौराणिक कथा, मंदिर की विशेषताएं, दर्शन और द्वारका कैसे पहुंचें? पढ़ें भगवान श्रीकृष्ण के चार धाम में शामिल इस पवित्र मंदिर की संपूर्ण जानकारी।

द्वारकाधीश मंदिर: इतिहास, धार्मिक महत्व, दर्शन, यात्रा और कैसे पहुंचें भगवान श्रीकृष्ण के धाम
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द्वारकाधीश मंदिर: जानें इतिहास, धार्मिक महत्व और कैसे पहुंचें भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य धाम

गुजरात के पवित्र शहर द्वारका में स्थित द्वारकाधीश मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इसे जगत मंदिर के नाम से भी जाना जाता है और यह हिंदुओं के चार प्रमुख धामों (चार धाम) में शामिल है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

द्वारकाधीश मंदिर का महत्व

द्वारकाधीश मंदिर को ‘जगत मंदिर’ भी कहा जाता है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की पूजा द्वारकाधीश यानी द्वारका के राजा के रूप में की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि द्वारका नगरी की स्थापना स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने की थी। चार धाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस मंदिर का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यहां श्रद्धा से दर्शन करने पर भक्तों को आध्यात्मिक शांति और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

द्वारकाधीश मंदिर का इतिहास

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ ने इस मंदिर का शुरू में निर्माण कराया था। समय-समय पर मंदिर को कई बार क्षति पहुंची और इसका पुनर्निर्माण हुआ। वर्तमान मंदिर का स्वरूप मुख्य रूप से 15वीं-16वीं शताब्दी का माना जाता है। यह मंदिर गोमती नदी और अरब सागर के संगम के निकट स्थित है। साथ ही इसकी ऊंची शिखर शैली और भव्य नक्काशी श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।

मंदिर की विशेषताएं

द्वारकाधीश मंदिर पांच मंजिला भव्य संरचना है, जो ऊंचे स्तंभों पर निर्मित है। मंदिर के शिखर पर फहराने वाली विशाल ध्वजा विशेष आकर्षण का केंद्र होती है, जिसे दिन में कई बार बदला जाता है। मंदिर में प्रवेश के लिए ‘स्वर्ग द्वार’ और बाहर निकलने के लिए ‘मोक्ष द्वार’ का विशेष महत्व बताया जाता है।

द्वारकाधीश मंदिर कैसे पहुंचें?

मंदिर से सबसे पास हवाई अड्डा जामनगर है, जो लगभग 130 किलोमीटर दूर है। वहां से टैक्सी या बस द्वारा द्वारका पहुंचा जा सकता है। वहीं अगर आप ट्रेन से मंदिर आना चाहते हैं तो द्वारका रेलवे स्टेशन देश के कई प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है

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