भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग: जानें इतिहास, धार्मिक महत्व, दर्शन का समय और कैसे पहुंचें भगवान शिव के इस पवित्र धाम
Bhimashankar Jyotirlinga: जानें महाराष्ट्र स्थित भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का इतिहास, धार्मिक महत्व, पौराणिक कथा, दर्शन का समय और यहां कैसे पहुंचें। पढ़ें भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक इस पवित्र धाम की पूरी जानकारी।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग: जानें इतिहास, धार्मिक महत्व और कैसे पहुंचें भगवान शिव के इस पवित्र धाम
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह पवित्र मंदिर महाराष्ट्र के पुणे जिले के सह्याद्रि पर्वत क्षेत्र में स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां भगवान शिव ने राक्षस भीम का वध कर भक्तों की रक्षा की थी, जिसके बाद वे स्वयं ज्योतिर्लिंग के रूप में यहां प्रकट हुए।
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का इतिहास
पौराणिक कथा के अनुसार राक्षस भीम अपने अत्याचारों से देवताओं और ऋषियों को परेशान कर रहा था। भक्तों की प्रार्थना पर भगवान शिव प्रकट हुए और भीम का वध किया। इसके बाद देवताओं के अनुरोध पर भगवान शिव इसी स्थान पर ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हो गए। इसी कारण इस स्थान का नाम भीमाशंकर पड़ा।
कैसे पहुंचे भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग?
भीमाशंकर पुणे से लगभग 125 किलोमीटर और मुंबई से लगभग 220 किलोमीटर की दूर है। वहीं सबसे पास प्रमुख रेलवे स्टेशन पुणे जंक्शन है। स्टेशन से टैक्सी या बस के माध्यम से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। सबसे पास हवाई अड्डा पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यहां से टैक्सी, कैब और बस के जरिए भीमाशंकर पहुंचा जा सकता है।

