विजया एकादशी 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण समय, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

विजया एकादशी 2026 का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित महत्वपूर्ण पर्व है। जानें विजया एकादशी 2026 कब है, व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण समय, पूजा विधि और धार्मिक महत्व। इस दिन श्रद्धा और नियम से व्रत रखने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, सफलता के मार्ग खुलते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

Published On 2026-02-07 17:39 GMT   |   Update On 2026-02-07 17:39 GMT

विजया एकादशी 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण समय, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। हर माह आने वाली एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है और भक्त इस दिन व्रत रखकर पूजा-अर्चना करते हैं। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली विजया एकादशी को अत्यंत फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सफलता के मार्ग खुलते हैं।

इस लेख में जानिए — विजया एकादशी 2026 कब है, पूजा का शुभ समय, पारण का समय, पूजा विधि और इसका धार्मिक महत्व।

विजया एकादशी 2026 कब है?

साल 2026 में विजया एकादशी का व्रत फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाएगा। उदया तिथि के अनुसार इस दिन व्रत रखना शुभ माना जाता है। भक्त पूरे दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और अगले दिन द्वादशी तिथि में पारण करते हैं।

विजया एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त और पारण समय

विजया एकादशी के दिन प्रातः काल में स्नान के बाद पूजा करना शुभ माना जाता है।

सुबह के समय भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

द्वादशी तिथि में निर्धारित समय पर व्रत का पारण करना चाहिए।

पारण हमेशा शुभ समय में ही करना चाहिए, जिससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

विजया एकादशी पूजा विधि

विजया एकादशी के दिन पूजा इस प्रकार की जाती है:

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

घर के मंदिर में भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित करें।

दीपक जलाकर फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करें।

 “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।

दिनभर व्रत रखें और सात्विक भोजन का पालन करें।

अगले दिन द्वादशी तिथि में विधिपूर्वक पारण करें।

विजया एकादशी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विजया एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को जीवन में विजय और सफलता प्राप्त होती है। साथ ही:

पापों से मुक्ति मिलती है

मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है

बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं

भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है

यह व्रत आत्मिक शुद्धि और मन की स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण माना गया है।

विजया एकादशी व्रत के लाभ

जीवन में सफलता और प्रगति के योग बनते हैं

मन शांत और सकारात्मक रहता है

परिवार में सुख-समृद्धि आती है

आध्यात्मिक उन्नति होती है

कठिन कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है

विजया एकादशी 2026 भक्ति, संयम और श्रद्धा का पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करने से जीवन की कठिनाइयों को दूर करने और सफलता प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त होता है। यदि इस व्रत को नियम और विश्वास के साथ किया जाए तो इसका आध्यात्मिक और मानसिक लाभ अवश्य मिलता है।

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