बुध वक्री 2026: 29 जून से कर्क राशि में वक्री होंगे बुध, जानें 12 राशियों पर संभावित प्रभाव
जानें 12 अगस्त 2026 को लगने वाले साल के दूसरे सूर्य ग्रहण की तिथि, समय, सूतक काल, भारत में दृश्यता, किन देशों में दिखाई देगा, राशियों पर प्रभाव और धार्मिक महत्व।
बुध वक्री 2026: 29 जून से कर्क राशि में वक्री होंगे बुध, जानें 12 राशियों पर संभावित प्रभाव
वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार, संचार और शिक्षा का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 29 जून 2026 से बुध कर्क राशि में वक्री (Retrograde) होंगे और 24 जुलाई 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता है कि बुध के वक्री होने से संचार, निर्णय, यात्रा और आर्थिक मामलों में पुनर्विचार की स्थिति बन सकती है। हालांकि इसका प्रभाव हर व्यक्ति की जन्म कुंडली के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
बुध का वक्री होना क्यों है महत्वपूर्ण?
बुध एक निश्चित अवधि के बाद वक्री होते हैं। ग्रहों के राजकुमार बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, लेखन, गणित, व्यापार, शिक्षा और संचार के कारक माना जाता है। ऐसे में बुध की स्थिति में जरा सा बदलाव होने पर व्यक्ति के सोचने, समझने और बोलने की क्षमता में किसी न किसी प्रकार से असर देखने को मिलता है। इस समय बुध चंद्रमा की राशि कर्क में विराजमान है। जल तत्व राशि में बुध के होना अत्यंत शुभ माना जा रहा है, क्योंकि इस राशि में पहले से ही उच्च के देवगुरु बृहस्पति और सौंदर्य तथा वैभव के स्वामी शुक्र विराजमान हैं। बुध के वहां पहुंचते ही इन तीनों शुभ ग्रहों की त्रिग्रही युति बनेगी। बुद्धि के राजकुमार बुध, विवेक के आचार्य गुरु और प्रेम तथा समृद्धि के स्वामी शुक्र का एक ही राशि में एकत्र होना बुद्धि, वाणी, शिक्षा, व्यापार, धन और संबंधों पर अत्यंत शुभ प्रभाव डालेगा।
जहां बुध चंद्रमा से शत्रुता का भाव रखता है, तो वहीं दूसरी ओर चंद्रमा बुध को अपना मित्र मानाता है। ऐसे में बुध के इस राशि में वक्री होने से सभी राशियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर में असर गेखने को मिल सकता है। बुध के वक्री होने से संवाद, अनुबंध, दस्तावेज, यात्रा और तकनीकी कार्यों में अधिक असर देखने को मिल सकता है। इसलिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इसके अलावा किसी भी बड़े अनुबंध, निवेश, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय से पहले सभी दस्तावेजों और जानकारियों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए, क्योंकि आपके द्वारा की गई जरा सी गलती आपके लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं। वहीं कर्क राशि में त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।