शनि देव की आरती लिरिक्स: जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी

Shani Gochar 2026: जानें शनि ग्रह के रेवती नक्षत्र में गोचर का मेष से मीन तक सभी राशियों पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव, करियर, धन और स्वास्थ्य पर असर।

Published On 2026-05-16 17:27 GMT   |   Update On 2026-05-16 17:27 GMT

शनि देव की आरती लिरिक्स: जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी

शनिवार और शनि जयंती के दिन शनि देव की पूजा और आरती करना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा से शनि आरती करने पर शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्ट कम हो सकते हैं।आज शनिश्चरी अमावस्या के साथ शनि जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन शनिदेव की पूजा करने के साथ-साथ व्रत रखने से विशेष फलों की प्राप्ति हो सकती है। इसके अलावा कुंडली में मौजूद शनि साढ़े साती, ढैया का दुष्प्रभाव भी काफी कम हो जाता है। शनि जन्मोत्सव पर कर्मफल दाता शनि की विधिवत पूजा करने के साथ-साथ इस आरती को अवश्य पढ़ सकते हैं। इससे शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। आइए जानते हैं शनिदेव की आरती जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी के संपूर्ण लिरिक्स के साथ लाभ…

शनि देव की आरती

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥

श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी।

नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥

क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।

मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।

लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥

देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।

विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

शनिदेव की आरती करने के लाभ

शनिदेव की आरती करने से शनिदेव अति प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा कुंडली में शनि साढ़ेसाती, ढैय्या और शनिदेष के दुष्प्रबाव कम हो सकते हैं।

शनिदेव की आरती नियमित रूप से करने से जीवन में लंबे समय से चली आ रही समस्याएं, बाधाएं समाप्त हो सकती है।

नौकरी, व्यापार में लाभ मिलने के साथ आर्थिक स्थिति अच्छी हो सकती है।

न्याय से संबंधित मामलों में सफलता मिलने के साथ शत्रुओं पर विजय मिल सकती है।

भय, नकारात्मकता ऊर्जा से मुक्ति मिल सकती है।

परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आरती करने से केवल ग्रह ही शांत नहीं होगा बल्कि व्यक्ति के अंदर धैर्य, विनम्रता और कर्म के प्रति जागरूकता भी बढ़ सकती है।

वृश्चिक राशि पर पर शनि के रेवती नक्षत्र पर जाने का असर (Scorpio Zodiac)

वृश्चिक राशि के लिए शनि पंचम भाव से गोचर कर रहे हैं और आय के स्वामी बुध के नक्षत्र में हैं। इससे आय के स्रोत बदल सकते हैं और व्यक्ति अपनी हॉबी को करियर में बदल सकता है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समय अच्छा है, लेकिन खर्च बढ़ सकते हैं।

धनु राशि पर शनि के रेवती नक्षत्र पर जाने का असर (Sagittarus Zodiac)

धनु राशि के लिए शनि का रेवती नक्षत्र में जाना लाभकारी हो सकता है। इस राशि के चतुर्थ भाव से होकर गुजर रहे हैं। इस राशि में शनि की ढैया भी चल रही है। ऐसे में जीवन में कोई बड़ा बदलाव हो सकता है। करियर के साथ-साथ स्थान परिवर्तन के भी योग बन रहे हैं। जैसी भी परिस्थितियां है उन्हें स्वीकार करके चलें, तो आपको लाभ मिल सकता है।

मकर राशि पर शनि के रेवती नक्षत्र पर जाने का असर (Capricorn Zodiac)

मकर राशि के जातकों के लिए ये सप्ताह काफी लाभकारी हो सकता है। इस राशि के जातकों के लिए लाभकारी हो सकता है। किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है। नए काम शुरू करने के लिए ये समय काफी लाभकारी हो सकता है। हालांकि खर्च अधिक होगा।

कुंभ राशि पर शनि के रेवती नक्षत्र पर जाने का असर (Aquarius Zodiac)

कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि दूसरे भाव में रहने वाले हैं। ऐसे में शनि के रेवती नक्षत्र में जाने से कुछ क्षेत्रों में सतर्क रहने की जरूरत है। मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। असुरक्षा और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। अचानक धन लाभ से लेकर प्रमोशन के योग बन रहे हैं।

मीन राशि पर शनि के रेवती नक्षत्र पर जाने का असर (Pisces Zodiac)

मीन राशि के जातकों के लिए शनि का रेवती नक्षत्र में जाना लाभकारी हो सकता है। इस राशि के लग्न भाव में शनि विराजमान है। ऐसे में इस राशि के जातकों लाभ मिल सकता है। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। काम में बदलाव के के योग बन रहे हैं।  इस समय आपकी राशि में साढ़ेसाती चल रही है, जिससे करियर, संबंध और मानसिक स्थिति पर दबाव रहेगा। रिश्तों में भी तनाव आ सकता है। इसलिए धैर्य और संयम रखना बहुत जरूरी है।

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