शनि अस्त 2026: 13 मार्च से 22 अप्रैल तक मीन राशि में शनि अस्त — धनु, कुंभ और मीन राशि को मिलेगा बड़ा लाभ
Shani Asta 2026 Date & Effects: 13 मार्च से 22 अप्रैल 2026 तक शनि मीन राशि में अस्त रहेंगे। जानिए किन राशियों को मिलेगा शुभ फल, करियर-धन पर असर, साढ़ेसाती और ढैय्या पर प्रभाव, और ज्योतिषीय उपाय हिंदी में।
शनि अस्त 2026: मीन राशि में शनि का अस्त होने वाला है — किन राशियों को मिलेगा शुभ फल?
Shani Asta 2026 (Saturn Combust in Pisces) — वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों का “अस्त” (जब ग्रह क्षीण/ कमजोर स्थिति में चले जाते हैं) बनना भी जीवन के घटनाक्रमों को प्रभावित करता है।
साल 2026 में शनि ग्रह मीन राशि (Pisces) में 13 मार्च से 22 अप्रैल तक अस्त रहेगा, और ज्योतिषियों के अनुसार इसका कुछ राशियों के लिए सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल सकता है।
शनि अस्त क्यों खास है?
शनि ग्रह कर्म, अनुशासन, स्थिरता, परिश्रम और कठिन अनुभवों से जुड़ा है। जब शनि अस्त होता है — यानी रोशनी कम होती है — तो पुरानी बाधाओं से मुक्ति, राहत और सकारात्मक बदलावों के प्रवेश का संकेत माना जाता है।
2026 में शनि का मीन राशि में अस्त होना लगभग 30 साल के बाद होने वाला एक दुर्लभ ज्योतिषीय बदलाव है।
किन राशियों को मिलेगा लाभ?
ज्योतिष के अनुसार यह समय कुछ विशेष राशियों के लिए सकारात्मक फल लेकर आ सकता है — खासकर वे जिन पर शनि की ढैय्या/साढ़ेसाती पहले से चल रही है या प्रभाव बना हुआ है।
धनु राशि (Sagittarius)
शनि की ढैय्या और ढैय्या के अंत के समय यह अस्त योग लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
धन, करियर और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि के संकेत मिलते हैं।
नौकरी/व्यापार के नए अवसर और वित्तीय उन्नति के योग बनते हैं।
कुंभ राशि (Aquarius)
साढ़ेसाती के अंतिम चरण में शनि अस्त होने से मनोकामनाओं में राहत और तनाव में कमी आती है।
करियर में निरंतरता, नौकरी के अवसर, मान-प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत क्रिएटिव पहल में सकारात्मक परिवर्तन मिल सकते हैं।
मीन राशि (Pisces)
शनि मीन में ही अस्त रहेगा, जिससे मीन राशि वालों को आय, प्रतिष्ठा, आत्म-विश्वास और सामाजिक पहचान में लाभ मिलने के संकेत हैं।
व्यापार, कनेक्शंस, करियर और संबंध-जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव हैं।