पंचक जून 2026: कब से कब तक रहेंगे पंचक? जानें इन 5 दिनों में कौन-से कार्य करने से बचना चाहिए

Panchak June 2026: वैदिक ज्योतिष और हिंदू पंचांग में पंचक को विशेष महत्व दिया गया है। जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में भ्रमण करता है, तब पंचक काल माना जाता है। यह अवधि लगभग पांच दिनों की होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।

जून 2026 में पंचक कब से कब तक?

पंचक प्रारंभ: 17 जून 2026, बुधवार

पंचक समाप्त: 22 जून 2026, सोमवार

इस अवधि में चंद्रमा क्रमशः धनिष्ठा से रेवती नक्षत्र तक भ्रमण करेगा।

पंचांग के अनुसार जून महीने में पंचक की शुरुआत 06 तारीख यानि शनिवार के दिन 07:03 बजे होगी और यह 11 जून 2026, बृहस्पतिवार की सुबह 08:16 बजे समाप्त हो जाएगा। शनिवार के दिन पंचक शुरू हो रही हैं, जिसे मृत्यु पंचक कहा जाता है। ये अशुभ मानी गई हैं।

जानिए कितने प्रकार की होती हैं पंचक

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक पंचक 5 प्रकार की होती हैं। वहीं रविवार के दिन जो पंचक शुरू होते हैं उनको रोग पंचक कहते हैं। वहीं सोमवार को आरंभ होने वाली पंचक राज पंचक कहलाती हैं। मंगलवार के दिन शुरू होने वाली पंचक को अन्नि पंचक बताया गया है। वहीं बुधवार और गुरुवार के दिन लगने वाली पंचक को दोष मुक्त पंचक माना गया है। वहीं शुक्रवार के दिन होने वाले पंचक काल चोर पंचक कहते हैं। साथ ही शनिवार के दिन होने वाले पंचक काल को मृत्यु पंचक कहा जाता है। इसमें राज पंचक बेहद शुभ मानी जाती हैं।

जानिए कितने प्रकार की होती हैं पंचक

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक पंचक 5 प्रकार की होती हैं। वहीं रविवार के दिन जो पंचक शुरू होते हैं उनको रोग पंचक कहते हैं। वहीं सोमवार को आरंभ होने वाली पंचक राज पंचक कहलाती हैं। मंगलवार के दिन शुरू होने वाली पंचक को अन्नि पंचक बताया गया है। वहीं बुधवार और गुरुवार के दिन लगने वाली पंचक को दोष मुक्त पंचक माना गया है। वहीं शुक्रवार के दिन होने वाले पंचक काल चोर पंचक कहते हैं। साथ ही शनिवार के दिन होने वाले पंचक काल को मृत्यु पंचक कहा जाता है। इसमें राज पंचक बेहद शुभ मानी जाती हैं।

पंचक में कौन से 5 काम नहीं करने चाहिए?

पंचक में घर का निर्माण नहीं करना चाहिए।

पंचकों के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए।

पंचक के दौरान चारपाई बनवाना शुभ नहीं माना जाता है।

पंचक काल में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होना अशुभ माना जाता है।

मान्यता है कि यदि पंचक के समय यदि परिवार में मृत्यु हो तो उसकी शांति के लिए पांच पुतले बनाकर उनका दाह संस्कार किया जाता है।

घर की रंगाई-पुताई या बड़े स्तर पर मरम्मत का काम शुरू करने से बचना चाहिए।

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