नौतपा 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य प्रवेश से शुरू होगा नौतपा, जानें 12 राशियों पर प्रभाव
Nautapa 2026: जानें नौतपा 2026 कब से कब तक रहेगा, सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश का क्या महत्व है और इसका 12 राशियों व मौसम पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
नौतपा 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य प्रवेश से शुरू होगा नौतपा, जानें 12 राशियों पर प्रभाव
Nautapa 2026: हिंदू पंचांग और ज्योतिष में नौतपा का विशेष महत्व माना जाता है। हर साल जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा की शुरुआत होती है। यह समय सामान्यतः वर्ष का सबसे गर्म दौर माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार नौतपा का प्रभाव मौसम के साथ-साथ सभी 12 राशियों पर भी पड़ सकता है। आइए जानते हैं रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के जाने का असर.. आकाश मंडल के 27 नक्षत्रों में से चौथा नक्षत्र है। चंद्रमा इसके स्वामी होने के साथ राशि वृषभ है। रोहिणी का अर्थ ‘लाल’ होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रोहिणी नक्षत्र को वृद्धि, विकास, सुंदरता, भौतिक सुख-समृद्धि आदि का कारक माना जाता है। वहीं कृषि और मौसम विज्ञान के लिए ये नक्षत्र काफी खास होता है। जब नौतपा लगता है, तो कहा जाता है कि इस दौरान पृथ्वी तपती है, तो आने वाले समय में मानसून उतना ही ज्यादा अच्छा होता है यानी अधिक वर्षा होने के संयोग बनते हैं।
क्या होता है नौतपा?
बता दें कि ज्येष्ठ मास की दशमी तिथि के साथ नौतपा आरंभ हो गया है। जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं। इस बार नौतपा 25 मई से आरंभ हो चुका है, जो 2 जून तक रहने वाला है। इस दौरान धरती सबसे ज्यादा गर्म होती है, क्योंकि सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम हो जाती है। इसके बाद 10वें दिन से इसकी दूरी एक बार फिर से बढ़ने लगती है।
सूर्य के रोहिणी नक्षत्र के हर चरण का प्रभाव
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र के चार चरण होते हैं और हर एक चरण के स्वामी ग्रह अलग-अलग होते हैं। ऐसे में सूर्य के रोहिणी नक्षत्र के हर चरण पर जाने का प्रभाव मानव जीवन में अलग-अलग देखने को मिलने वाला है।
सूर्य का रोहिणी नक्षत्र के पहले चरण पर जाने का असर
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य 29 मई को 03:04 ए एम तक पहले पद में विराजमान रहेंगे। इस चरण के स्वामी मंगल को माना जाता है। वहीं सूर्य की स्थिति की बात करें, तो मेष राशि में विराजमान है। ये नौतपा का आरंभ होता है। ऐसे में भीषण गर्मी से लेकर अधिक तापमान, लू रहती हैं। इस चरण में सूर्य के होने से व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि के साथ अपने लक्ष्यों को पाने में दृढ़ निश्चयी होता है। नेतृत्व करने का क्षमता में बढ़ोतरी होती है। जिसके कारण आपके करियर और बिजनेस में काफी अधिक असर देखने को मिलता है। भौतिक सुखों की प्राप्ति होने के साथ-साथ मान-सम्मान की तेजी से वृद्धि होती है। इस चरण में सूर्य के होने से व्यक्ति कुशल नेता से होने मजबूत बनता है।
सूर्य का रोहिणी नक्षत्र के दूसरे चरण में जाने का असर
सूर्य रोहिणी नक्षत्र के दूसरे चरण में 1 जून 2026, सोमवार को 02:31 पी एम बजे तक रहने वाले हैं। इस चरण के स्वामी शुक्र माने जाते हैं। इस दौरान भी नौतपा का काफी अधिक प्रभाव रहता है। सूर्य के इस चरण में आने से भौतिक सुखों की प्राप्ति हो सकती है। आत्मचिंतन करने का मौका मिलता है। इस अवधि में आपका स्वभाव काफी सौम्य रहता है। हालांकि व्यक्ति को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है। इसलिए थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत होती है।
सूर्य का रोहिणी नक्षत्र के तीसरे चरण का प्रभाव
सूर्य इस चरण में 5 जून तक रहने वाले हैं। इस चरण का स्वामी बुध है। ऐसे में सूर्य के इस नक्षत्र पद में आने से नेतृत्व क्षमता में बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कला, एक्टिंग, संगीत, गायन आदि के क्षेत्रों में काफी लाभ मिल सकता है। संचार कौशल में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा आप कई यात्राएं भी कर सकते हैं। तकनीकी क्षेत्र के व्यापार में काफी लाभ मिल सकता है।सूर्य का रोहिणी नक्षत्र के चौथे चरण पर जाने का असर
जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र के आखिरी यानी चौथे चरण में प्रवेश करता है, जो व्यक्ति के जीवन में काफी अधिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। इस चरण में चंद्रमा का शासन होता है। ऐसे में व्यक्ति अधिक तेजस्वी होने के साथ-साथ सौंदर्य प्रेमी होती है। खुद पर अधिक ध्यान देने लगता है। आपके रचनात्मकता में तेजी से वृद्धि हो सकती है, जिससे करियर और बिजनेस में काफी असर देखने को मिल सकता है।