कालसर्प योग 2026: राहु-केतु के चक्रव्यूह में फंसे 7 ग्रह, जानें किन राशियों को रहना होगा सतर्क

वैदिक ज्योतिष में कालसर्प योग तब माना जाता है जब सभी प्रमुख ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थिति जीवन में चुनौतियां, मानसिक तनाव और निर्णय लेने में भ्रम जैसी परिस्थितियां ला सकती है। हालांकि इसका प्रभाव हर व्यक्ति की संपूर्ण जन्म कुंडली पर निर्भर करता है और सभी लोगों पर एक जैसा नहीं होता।

कालसर्प योग 2026 कब तक रहेगा?

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह विशेष ग्रह स्थिति 18 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगी। 19 जुलाई 2026 को चंद्रमा के कन्या राशि में प्रवेश करते ही यह योग समाप्त हो जाएगा।

किन राशियों को अधिक सतर्क रहने की सलाह?

सिंह राशि

करियर में रुकावटें आ सकती हैं।

आर्थिक मामलों में सावधानी रखें।

दांपत्य जीवन में मतभेद बढ़ सकते हैं।

वाणी पर संयम रखें।

वृश्चिक राशि

कार्यस्थल पर तनाव या राजनीति का सामना करना पड़ सकता है।

नौकरी और व्यवसाय में धैर्य से निर्णय लें।

अनावश्यक विवादों से बचें।

कुंभ राशि

मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति बन सकती है।

अचानक खर्च बढ़ सकते हैं।

वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें।

वृषभ राशि

कार्यक्षेत्र में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

मेहनत का फल मिलने में समय लग सकता है।

निवेश सोच-समझकर करें।

पारंपरिक उपाय

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार—

भगवान शिव की पूजा करें।

"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।

राहु-केतु के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जप करें।

काले तिल, कंबल या जरूरतमंदों को दान दें।

क्रोध, नकारात्मकता और जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें।

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