Vidar Kab hai: नवम्बर 2025 माह का विशाखा बिछुड़ा (विदर बिछुड़ा) 20 नवम्बर 2025 से 22 नवम्बर 2025 तक रहेगा।

यह दिल्ली में 20 नवम्बर की सुबह बृहस्पतिवार को 04:14 AM बजे शुरू होगा और 22 नवम्बर 2025 को शाम शनिवार को 04:47 PM बजे तक प्रभावी रहेगा।

Source – पराशर लाइट 9.0 ज्योतिष सॉफ्टवेयर

विशाखा बिछुड़ा या विदर बिछुड़ा क्या होता है?

जब चंद्रमा वृश्चिक राशि में गोचर करते हुए प्रवेश करते हैं या आप ये कह सकतें हैं कि विशाखा नक्षत्र के चौथे पद में गोचरस्थ होते हैं, तो इसे विशाखा बिछुड़ा या विदर बिछुड़ा कहा जाता है। विशाखा बिछुड़ा और विदर बिछुड़ा का संबंध वृश्चिक राशि से होता है।

  •  विशाखा का अर्थ है विशाखा नक्षत्र, और
  •  बिछुड़ा का अर्थ है वृश्चिक (बिच्छू) राशि 


चंद्रमा की स्थिति और नक्षत्र

जब चंद्रमा वृश्चिक राशि के निम्नलिखित नक्षत्रों के पदों में गोचर करते है, तब यह स्थिति विशाखा बिछुड़ा या विदर बिछुड़ा कहलाती है:

विशाखा नक्षत्र का चौथा पद

अनुराधा नक्षत्र के चारों पद

ज्येष्ठा नक्षत्र के चारों पद

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वृश्चिक राशि में चंद्रमा का प्रभाव

  • वृश्चिक राशि मंगल ग्रह की है, जो सेनापति का प्रतिनिधित्व करता है।
  • चंद्रमा को रानी माना जाता है, और जब वह सेनापति के घर में आती है, तो असहज महसूस करती है।
  • चंद्रमा मन का कारक होता है। चंद्रमा के नीच का होने पर मन में अस्थिरता, तनाव और अशांति हो सकती है।

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विशाखा बिछुड़ा या विदर बिछुड़ा के दौरान क्या न करें?

  • इस समय कोई भी नया कार्य या शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
  • महत्वपूर्ण निर्णय या नई योजनाओं की शुरुआत करना भी शुभ नहीं माना जाता।

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विशाखा बिछुड़ा या विदर बिछुड़ा के दौरान क्या करें?

  • इस अवधि में पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्य करना उचित होता है।
  • यह समय आध्यात्मिक साधना और मन की शांति के लिए अनुकूल होता है।

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विशाखा बिछुड़ा या विदर बिछुड़ा की अवधि

  • यह हर माह आता है और लगभग 60 घंटे या ढाई दिन तक रहता है।
  • इस समय के दौरान सतर्क रहें और शुभ कार्यों को टालें।


विशाखा बिछुड़ा या विदर बिछुड़ा क्या होता है?


विशाखा बिछुड़ा और विदर बिछुड़ा का संबंध वृश्चिक राशि से होता है। विशाखा का अर्थ है विशाखा नक्षत्र, और बिछुड़ा का अर्थ है वृश्चिक (बिच्छू)। अपने देश में कई लोग अपने ग्रह और नक्षत्रों पर विश्वास करते हैं और रोजाना राशिफल देखकर अपने दिन की योजना बनाते हैं। जब चंद्रमा वृश्चिक राशि और विशाखा नक्षत्र में आता है, तो इसे विशाखा बिछुड़ा या विदर बिछुड़ा कहा जाता है। राशिफल टुडे 


मंगल का ज्येष्ठा नक्षत्र गोचर – 2025

लगभग 24 महीने बाद, ग्रहों के सेनापति मंगल 19 नवंबर 2025 को शाम 7:40 बजे बुध के ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। मंगल इस नक्षत्र में 7 दिसंबर 2025 तक रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल का यह गोचर कुछ राशियों के लिए विशेष लाभ और नए अवसर लेकर आता है।

1. तुला राशि – धन लाभ और करियर में तरक्की

तुला राशि वालों के लिए यह गोचर काफी शुभ रहेगा। मंगल का दूसरा भाव में गोचर करना आपके धन-संपत्ति और व्यवसाय में वृद्धि के संकेत देता है।

रुके हुए काम पूरे होंगे।

प्रतियोगी परीक्षा में लाभ संभव।

नया व्यापार या नौकरी के अवसर मिल सकते हैं।

अचानक धन लाभ होने की संभावना भी है।

2. वृश्चिक राशि – बढ़ेगा प्रभाव, मिलेंगे बड़े मौके

वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल आपके लग्न भाव में गोचर करेंगे। यह समय लीडरशिप क्षमता और कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियों के लिए बहुत शुभ है।

सरकारी या व्यापारिक लाभ के संकेत।

लंबे समय से किए गए प्रयासों का फल मिलेगा।

प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने के अवसर बढ़ेंगे।

साझेदारी वाले कामों में सफलता।

3. मीन राशि – भाग्य मजबूत, सफलता सुनिश्चित

मीन राशि वालों के लिए मंगल का गोचर भाग्य भाव में होगा, जिससे किस्मत का साथ और लाभकारी योग बनेंगे।

नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन या नई नौकरी मिल सकती है।

व्यापार में लाभ और नए समझौते संभव।

लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे।

जीवन में सकारात्मक बदलाव और खुशखबरी।


मंगल के ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश से तुला, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए आने वाले समय में धन, करियर और भाग्य में वृद्धि के शानदार अवसर बन रहे हैं। यह समय नई शुरुआत और पुराने रुके कार्यों को पूरा करने के लिए अत्यंत शुभ है।

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