23 October 2026 Panchang: 23 अक्टूबर का पंचांग, द्वादशी तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल
Aaj Ka Panchang 23 October 2026: जानें शुक्रवार को द्वादशी और त्रयोदशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, ध्रुव योग, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का समय। साथ ही जानें माता लक्ष्मी की पूजा और प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व।
23 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार को द्वादशी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का समय
Aaj Ka Panchang, 23 October 2026: 23 अक्टूबर 2026 को शुक्रवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी, जो दोपहर के बाद त्रयोदशी तिथि में बदल जाएगी। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। वहीं, शाम को त्रयोदशी तिथि होने के कारण प्रदोष व्रत की पूजा का भी महत्व रहेगा।
23 अक्टूबर 2026 का पंचांग
दिन: शुक्रवार
मास: आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: द्वादशी दोपहर 2:36 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी
नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद रात लगभग 9:03 बजे तक, फिर उत्तराभाद्रपद
योग: ध्रुव योग रात लगभग 10:09 बजे तक
करण: बालव दोपहर 2:36 बजे तक
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
चंद्र राशि: कुंभ
सूर्य राशि: तुला
्य राशि: तुला
सूर्योदय: सुबह लगभग 6:27 बजे
सूर्यास्त: शाम लगभग 5:44 बजे
चंद्रोदय: दोपहर लगभग 3:55 बजे
पंचांग की गणना नई दिल्ली के स्थानीय समय के अनुसार है। अलग-अलग शहरों में समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।
23 अक्टूबर 2026 के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:44 से 5:35 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:58 से 2:43 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:21 से 6:09 बजे तक
शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ, ध्यान और अन्य मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है। किसी विशेष संस्कार या बड़े शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार समय की पुष्टि कर लें।
23 अक्टूबर 2026 को राहुकाल का समय
राहुकाल: सुबह 10:41बजे से दोपहर 12:05 बजे तक
यमगंड काल: दोपहर 2:55 बजे से शाम 4:19 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 7:51 बजे से 9:16 बजे तक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचा जाता है।
शुक्रवार को किसकी पूजा करनी चाहिए?
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और मां संतोषी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल पर दीपक जलाएं। माता लक्ष्मी को कमल का फूल, फल और मिठाई अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद लक्ष्मी मंत्र का जाप करके घर में सुख-समृद्धि और शांति की कामना करें।