आज का पंचांग 30 मार्च 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

30 मार्च 2026 का पंचांग पढ़ें और जानें आज की तिथि, नक्षत्र, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और एकादशी का महत्व। सोमवार का दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। फाल्गुन शुक्ल एकादशी के दिन व्रत, पूजा और दान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। जानें आज के शुभ समय, अशुभ काल और पूजा के विशेष उपाय।

Published On 2026-03-23 14:37 GMT   |   Update On 2026-03-23 14:37 GMT

आज का पंचांग 30 मार्च 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग – 30 मार्च 2026 (सोमवार)

30 मार्च 2026, सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्र देव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिन मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक होता है। इस दिन पूजा-पाठ, ध्यान और आत्मचिंतन करना विशेष फलदायी माना जाता है।

पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन व्रत, पूजा और दान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

30 मार्च 2026 पंचांग विवरण

दिन: सोमवार

मास: फाल्गुन

पक्ष: शुक्ल पक्ष

तिथि: एकादशी

विक्रम संवत: 2082

ऋतु: वसंत ऋतु

सूर्य राशि: मीन

सूर्योदय: प्रातः लगभग 06:21 बजे

सूर्यास्त: सायं लगभग 06:44 बजे

आज का नक्षत्र और चंद्र राशि

नक्षत्र: आश्लेषा

चंद्र राशि: कर्क

आश्लेषा नक्षत्र को रहस्यमयी, गहराई और मानसिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में सोच-समझकर निर्णय लेना जरूरी होता है। आध्यात्मिक साधना, ध्यान और आत्मविश्लेषण के लिए यह समय अनुकूल माना जाता है।

आज के योग और करण

योग: गंड योग

करण: वणिज, विष्टि

गंड योग में कार्य करते समय सावधानी बरतना जरूरी होता है। जल्दबाजी से बचना और धैर्य के साथ निर्णय लेना लाभकारी रहेगा।

30 मार्च 2026 के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त:

दोपहर 12:02 बजे से 12:51 बजे तक

अमृत काल:

सुबह लगभग 08:10 बजे से 09:45 बजे तक

इन शुभ मुहूर्तों में पूजा-पाठ, नए कार्यों की शुरुआत और महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है।

 राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: सुबह लगभग 07:30 बजे से 09:00 बजे तक

गुलिक काल: दोपहर लगभग 01:30 बजे से 03:00 बजे तक

यमगण्ड काल: सुबह लगभग 10:30 बजे से 12:00 बजे तक

इन समयों में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

30 मार्च 2026 का धार्मिक महत्व

फाल्गुन शुक्ल एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है

इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है

सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है

दान-पुण्य और सेवा कार्य करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है

सोमवार के विशेष उपाय

आज शुभ फल प्राप्त करने के लिए

भगवान शिव को जल और बेलपत्र अर्पित करें

“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें

 भगवान विष्णु की पूजा करें और एकादशी व्रत रखें

 जरूरतमंद लोगों को अन्न और वस्त्र दान करें

आज का दिन कैसा रहेगा

आज का दिन आध्यात्मिकता, शांति और संतुलन के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है। सोच-समझकर लिए गए निर्णयों में सफलता मिलने की संभावना है। धार्मिक कार्यों और ध्यान में रुचि बढ़ सकती है।

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