25 सितंबर 2026 का पंचांग: अनंत चतुर्दशी पर होगा गणेश विसर्जन, जानें तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

25 September 2026 Panchang: 25 सितंबर 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इस दिन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी और इसी तिथि पर अनंत चतुर्दशी तथा गणेश विसर्जन किया जाएगा। चतुर्दशी तिथि रात 11:07 बजे तक रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी। सुबह 11:22 बजे तक शतभिषा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा।

25 सितंबर 2026 का पंचांग

दिन: शुक्रवार

तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी, रात 11:07 बजे तक

इसके बाद: शुक्ल पक्ष पूर्णिमा

माह: भाद्रपद

पक्ष: शुक्ल पक्ष

नक्षत्र: शतभिषा, सुबह 11:22 बजे तक; इसके बाद पूर्वाभाद्रपद

योग: शूल, दोपहर 2:50 बजे तक; इसके बाद गण्ड

करण: गर, सुबह 11:17 बजे तक; इसके बाद वणिज

चंद्र राशि: कुंभ

सूर्य राशि: कन्या

विक्रम संवत: 2083

शक संवत: 1948

नई दिल्ली में सूर्योदय करीब 6:10 बजे और सूर्यास्त करीब 6:14 बजे होगा। चंद्रोदय लगभग 5:22 बजे शाम और चंद्रास्त 26 सितंबर की सुबह करीब 4:38 बजे होगा।

अनंत चतुर्दशी 2026

25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है। कई घरों में अनंत सूत्र बांधने और भगवान विष्णु की पूजा करने की परंपरा है।

इसी दिन 10 दिवसीय गणेश उत्सव का समापन भी होता है। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। पंचांग स्रोत भी 25 सितंबर को गणेश विसर्जन और अनंत चतुर्दशी के रूप में दर्ज करते हैं।

25 सितंबर का राहुकाल

शुक्रवार को राहुकाल सुबह से दोपहर के बीच रहेगा।

राहुकाल: सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:12 बजे तक

धार्मिक मान्यता के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

अन्य अशुभ समय

गुलिक काल: सुबह 7:41 बजे से 9:11 बजे तक

यमगंड: दोपहर 3:13 बजे से 4:44 बजे तक

महत्वपूर्ण शुभ कार्य करने से पहले इन समयों का ध्यान रखना उचित माना जाता है।

25 सितंबर 2026 के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:35 बजे से 5:23 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक

विजय मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:50 बजे से 6:38 बजे तक

प्रदोष काल: शाम 6:14 बजे से 7:44 बजे तक

निशिता काल: रात 11:49 बजे से 26 सितंबर की रात 12:36 बजे तक

25 सितंबर को गणेश विसर्जन कैसे करें?

गणेश विसर्जन से पहले भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें। उन्हें फूल, दूर्वा, मोदक और फल अर्पित करें। इसके बाद आरती करके भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की प्रार्थना करें।

विसर्जन के दौरान पर्यावरण का ध्यान रखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान और नियमों का पालन करना उचित है।

अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा

अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय पीले फूल, तुलसी दल, फल और नैवेद्य अर्पित किए जा सकते हैं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप कर सकते हैं।

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