24 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

24 September 2026 Panchang: 24 सितंबर 2026, गुरुवार को शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी। त्रयोदशी तिथि रात करीब 11:18 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। सुबह करीब 10:35 बजे तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू होगा। आज गुरु प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

24 सितंबर 2026 का पंचांग

दिन: गुरुवार

तिथि: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी, रात 11:18 बजे तक

इसके बाद: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

माह: भाद्रपद

पक्ष: शुक्ल पक्ष

नक्षत्र: धनिष्ठा, सुबह 10:35 बजे तक; इसके बाद शतभिषा

योग: धृति, दोपहर करीब 3:54 बजे तक

करण: कौलव, सुबह करीब 11:09 बजे तक; इसके बाद तैतिल

चंद्र राशि: कुंभ

सूर्य राशि: कन्या

वार: गुरुवार

विक्रम संवत: 2083

शक संवत: 1948

नई दिल्ली में सूर्योदय करीब 6:10 बजे और सूर्यास्त करीब 6:15 बजे होगा। चंद्रोदय लगभग 4:52-4:53 बजे शाम और चंद्रास्त 25 सितंबर की सुबह करीब 3:40 बजे होगा।

24 सितंबर को गुरु प्रदोष व्रत

24 सितंबर को गुरुवार होने के कारण गुरु प्रदोष व्रत रखा जाएगा। त्रयोदशी तिथि 23 सितंबर की रात करीब 10:51 बजे शुरू होकर 24 सितंबर की रात करीब 11:18 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने की परंपरा है।

नई दिल्ली में प्रदोष काल करीब शाम 6:15 बजे से 7:45 बजे तक रहेगा। इस दौरान शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करके भगवान शिव की पूजा की जा सकती है।

24 सितंबर 2026 का राहुकाल

गुरुवार को राहुकाल दोपहर के समय रहेगा।

राहुकाल: दोपहर 1:43 बजे से 3:14 बजे तक

इस अवधि में नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचने की धार्मिक मान्यता है।

अन्य अशुभ समय

यमगंड: सुबह 6:10 बजे से 7:41 बजे तक

गुलिक काल: सुबह 9:11 बजे से 10:42 बजे तक

दुर्मुहूर्त: लगभग 10:12 बजे से 11:00 बजे तक

24 सितंबर 2026 के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:35 बजे से 5:22 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 2:14 बजे से 3:02 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम करीब 6:14 बजे से 6:39 बजे तक

निशिता मुहूर्त: रात 11:49 बजे से 25 सितंबर की रात 12:37 बजे तक

24 सितंबर को क्या करें?

गुरु प्रदोष के दिन शाम के समय भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें। भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करके दीपक जलाएं और शिव मंत्र का जाप करें।

प्रदोष काल में ॐ नमः शिवाय का जाप करना और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को दान देना भी धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।

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