19 September 2026 Panchang: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
19 September 2026 Panchang: 19 सितंबर शनिवार को शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर 3:27 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी। जानें आज का पंचांग, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और दुर्गाष्टमी की जानकारी।
19 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
19 September 2026 Panchang: 19 सितंबर 2026, शनिवार को शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर करीब 3:27 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज मूल नक्षत्र रात करीब 1:43 बजे तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा। वहीं आयुष्मान योग दोपहर करीब 2:29 बजे तक रहेगा।
19 सितंबर 2026 का पंचांग
दिन: शनिवार
तिथि: शुक्ल पक्ष अष्टमी, दोपहर 3:27 बजे तक, फिर नवमी
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: भाद्रपद
नक्षत्र: मूल, रात 1:43 बजे तक, फिर पूर्वाषाढ़ा
योग: आयुष्मान, दोपहर करीब 2:29 बजे तक
करण: बव, दोपहर 3:27 बजे तक, फिर बालव
चंद्र राशि: धनु
सूर्य राशि: कन्या
वार: शनिवार
ऋतु: शरद
विक्रम संवत: 2083
इन पंचांग गणनाओं के अनुसार 19 सितंबर को चंद्रमा धनु राशि में रहेगा और मूल नक्षत्र का प्रभाव रहेगा।
19 सितंबर 2026 सूर्योदय और सूर्यास्त
नई दिल्ली के अनुसार 19 सितंबर को सूर्योदय सुबह 6:07 बजे और सूर्यास्त शाम 6:21 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर करीब 1:43 बजे और चंद्रास्त रात करीब 11:50 बजे हो सकता है।
19 सितंबर 2026 का राहुकाल
शनिवार को राहुकाल सुबह के समय रहेगा। नई दिल्ली में 19 सितंबर को राहुकाल सुबह 9:11 बजे से 10:43 बजे तक रहेगा। इस अवधि में शुभ कार्य या नई शुरुआत करने से बचने की धार्मिक मान्यता है।
अन्य अशुभ समय
गुलिक काल: सुबह 6:07 बजे से 7:39 बजे तक
यमगंड: दोपहर 1:46 बजे से 3:18 बजे तक
19 सितंबर 2026 का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक रहेगा। इसे दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्तों में माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह करीब 4:33 बजे से 5:20 बजे तक रहेगा।
गोधूलि मुहूर्त: शाम करीब 6:21 बजे से 6:45 बजे के आसपास रहेगा।
19 सितंबर को दुर्गाष्टमी
19 सितंबर 2026 को शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि होने के कारण दुर्गाष्टमी का व्रत और पूजा की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां दुर्गा की पूजा करने, दुर्गा सप्तशती का पाठ करने और जरूरतमंदों को दान देने से देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इस दिन श्रद्धालु सुबह स्नान करके मां दुर्गा की पूजा कर सकते हैं। माता को लाल फूल, फल, मिठाई और श्रृंगार सामग्री अर्पित करना शुभ माना जाता है।
मूल नक्षत्र का महत्व
19 सितंबर को मूल नक्षत्र रात करीब 1:43 बजे तक रहेगा। इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में मूल को गंडमूल नक्षत्रों में शामिल किया जाता है। इसलिए इस नक्षत्र के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों के लिए स्थानीय पंचांग में दिए शुभ समय का ध्यान रखना उचित माना जाता है।
19 सितंबर को क्या करें?
सुबह स्नान करके मां दुर्गा की पूजा करें।
माता को लाल फूल और फल अर्पित करें।
दुर्गा सप्तशती या दुर्गा मंत्र का पाठ करें।
जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या वस्त्र का दान करें।
शनिवार होने के कारण शनिदेव की पूजा भी कर सकते हैं।
शुभ कार्य शुरू करने से पहले राहुकाल का ध्यान रखें।