19 अगस्त 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

19 अगस्त 2026, बुधवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। सप्तमी शाम 7:19 बजे तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। चंद्रमा तुला राशि में रहेगा। सुबह 6:46 बजे तक स्वाति नक्षत्र और इसके बाद विशाखा नक्षत्र रहेगा।

19 अगस्त का पंचांग

दिन: बुधवार

मास: श्रावण

पक्ष: शुक्ल पक्ष

तिथि: सप्तमी, शाम 7:19 बजे तक; इसके बाद अष्टमी

नक्षत्र: स्वाति, सुबह 6:46 बजे तक; इसके बाद विशाखा

योग: ब्रह्म योग, अगले दिन सुबह करीब 3:43 बजे तक

करण: गर, सुबह 6:31 बजे तक; इसके बाद वणिज, फिर विष्टि

चंद्र राशि: तुला

सूर्य राशि: सिंह

विक्रम संवत: 2083

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: सुबह 5:52 बजे

सूर्यास्त: शाम 6:56 बजे

चंद्रोदय: दोपहर करीब 12:13 बजे

चंद्रास्त: रात 10:47 बजे

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:25 से 5:08 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक

अमृत काल: रात 11:28 बजे से अगले दिन रात 1:13 बजे तक

राहुकाल

राहुकाल: दोपहर 12:24 बजे से 2:02 बजे तक रहेगा।

यमगंड: सुबह 7:30 से 9:08 बजे तक

गुलिक काल: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक

राहुकाल में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की ज्योतिषीय मान्यता है।

नक्षत्र का महत्व

19 अगस्त को सुबह तक स्वाति नक्षत्र रहेगा और इसके बाद विशाखा नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा तुला राशि में होने के कारण दिन में संबंधों, साझेदारी और संतुलन से जुड़े मामलों का प्रभाव अधिक रह सकता है।

आज के उपाय

बुधवार होने के कारण भगवान गणेश की पूजा करना शुभ माना जाता है। श्रावण मास के कारण भगवान शिव की आराधना भी की जा सकती है।

भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।

भगवान शिव का जलाभिषेक करें और बेलपत्र चढ़ाएं।

"ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें।

हरी मूंग या हरी सब्जियों का दान करें।

जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं।

19 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल सप्तमी, तुला राशि में चंद्रमा और स्वाति-विशाखा नक्षत्र का संयोग रहेगा। बुधवार होने के कारण गणेश जी की पूजा और श्रावण मास के कारण शिव आराधना का विशेष महत्व रहेगा। धार्मिक कार्य, मंत्र जाप और दान-पुण्य के लिए दिन का उपयोग किया जा सकता है।

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